गाजियाबाद। शंकर विहार में 14 करोड़ रुपये की लागत से 20 एमवीए क्षमता का बिजली घर बनेगा। इसको लेकर ऊर्जा निगम की ओर से कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ऊर्जा निगम के अभियंता ने प्रशासनिक अधिकारियों को इसके लिए जमीन मुहैया कराने को पत्र लिखा है।
जोन एक के शहरी क्षेत्र में शंकर विहार और उसके आसपास के इलाके में लोगों को बिजली ट्रिपिंग की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ओवरलोड के चक्कर में बार-बार फॉल्ट की समस्या भी हो रही है। इसी को देखते हुए ऊर्जा निगम ने अलग से प्रस्ताव तैयार किया है। बीते दो साल में इस इलाके में 10 हजार नए उपभोक्ता जुड़ गए हैं। जोन एक के अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार सिंह ने बताया कि नए बिजली घर में 10-10 एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। जमीन की उपलब्धता होने पर बिजली घर निर्माण का काम तेजी पकड़ेगा। अगले एक साल में इसका काम पूरा होने की संभावना है।
100 से अधिक पावर ट्रांसफार्मर को ठंडा करने के लिए लगाए गए कूलर :
जिले के अलग-अलग जोन में 100 से ज्यादा पावर ट्रांसफार्मर पर कूलर लगाए गए हैं। ऊर्जा निगम की ओर से 50 कूलर नए भी खरीदे गए हैं। मोदीनगर-मुरादनगर ग्रामीण के अधीक्षण अभियंता महेश उपाध्याय ने बताया कि 47 डिग्री के करीब तापमान के पहुंचने की वजह से ट्रांसफार्मरों का तापमान भी बढ़ रहा है। इसलिए इनके तेल और कोइल की एसएसओ के स्तर से हर घंटे निगरानी कराई जा रही है। तापमान बढ़ते ही वह ट्रांसफार्मर से आपूर्ति को बंद करते हैं। इससे उसके फुंकने का खतरा कम हो जाता है। तापमान अधिक होने पर ट्रिपिंग की समस्या भी बढ़ जाती है। तापमान नियंत्रित रखने के उद्देश्य से कूलर लगाए गए हैं। इनका फायदा भी मिल रहा है।
रात में चार घंटे, दिन में तीन घंटे तक गुल रही बिजली
असालतनगर बिजली घर से पोषित होने वाले गंगाविहार, वंदना एन्क्लेव, राधेश्याम विहार, असालतपुर गांव, जलालपुर त्रिमूर्ति विहार आदि इलाकों में बिजली रात में पांच बार आई और गई। बीच में चार घंटे तक पूरी तरह गायब रही। इतना ही नहीं, दिन में भी तीन घंटे तक बिजली जाने पर लोगों का समय मुश्किल से बीता। सिटी जोन के लाल कुआं की करिश्मा ने बताया कि रात में 12 बजे के बाद तीन घंटे के लिए बिजली गुल रही। लोनी के देहात इलाके में दिन-रात में आठ से नौ घंटे तक बिजली गुल रहने से लोग ज्यादा परेशान रहे। जोन दो के मुख्य अभियंता नरेश भारती ने बताया कि रात में ओवरलोडिंग की वजह से कुछ दिक्कत आई है। इसको रात में ही दुरूस्त कराया गया।