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आप भी तो नहीं पी रहे दूषित पानी: यूपी के इस जिले में पांच साल चार महीने में 965 नमूने फेल, दो महीने में 77

Tue, 07 May 2024 11:06 PM IST
आकाश दुबे माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद

सार

इस वर्ष चार महीने में 544 नमूने लिए गए थे, जांच के बाद 88 स्थानों पर पानी पीने योग्य नहीं मिला था। कहीं पर पानी में गंदगी पाई गई थी तो कहीं क्लोरीन नहीं मिला।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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पांच साल चार महीने में जिले में पानी के 965 नमूने फेल हो चुके हैं। रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग संबंधित विभाग को नोटिस देने के साथ ही नगर निगम, जीडीए और प्रशासन को मामले की सूचना भेज देता है, लेकिन किसी भी मामले में कार्रवाई नहीं हुई है। इस वर्ष चार महीने में 544 नमूने लिए गए थे, जांच के बाद 88 स्थानों पर पानी पीने योग्य नहीं मिला था। कहीं पर पानी में गंदगी पाई गई थी तो कहीं क्लोरीन नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग एच2एस विधि से सिर्फ पानी की कठोरता और क्लोरीनेशन की जांच करता है। पानी में बैक्टीरिया की जांच दिल्ली या लखनऊ में होती है।

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स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है कार्रवाई का अधिकार
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि पानी के सैंपल फेल होने पर स्वास्थ्य विभाग केवल नोटिस जारी कर सकता है या दोबारा जांच कर सकता है। कार्रवाई करने का अधिकार संबंधित विभाग का होता है। नगर निगम, आवास-विकास, जीडीए समेत प्रशासन को भी कार्रवाई की संस्तुति के साथ रिपोर्ट भेजी जाती है, लेकिन कार्रवाई नहीं होती।

बढ़ रही है मरीजों की संख्या
एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सिंह का कहना है कि दूषित पानी पीने के कारण हर उम्र के लोगों में पेट से संबंधित बीमारियां बढ़ रही हैं। अस्पताल में रोजाना 400 से ज्यादा मरीज पेट संबंधी रोगों के आ रहे हैं। इनमें से 40 से 50 मरीजों को डायरिया की शिकायत मिल रही है। इनमें से 8 से 10 मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। बच्चों की संख्या ज्यादा है।
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दो फर्जी लैब मिलीं
संक्रामक रोग विभाग की ओर से शिकायतें मिलने पर पानी की जांच करने वाली दो लैब पर छापे मारे गए थे। दोनों लैबों में पानी की जांच की फर्जी रिपोर्ट बनाकर दी जा रही थी। पानी की जांच करने वाले टेक्नीशियन और सक्षम विज्ञानी नहीं थे। सिर्फ मशीनों के जरिए पानी की जांच हो रही थी। मशीन के जरिए पानी की जांच में बैक्टीरिया का पता नहीं चलता, लेकिन लैब की ओर से बैक्टीरिया फ्री रिपोर्ट भी दी जा रही थी। दोनों लैब को नोटिस जारी किया गया है।

छह वर्ष में पानी की जांच की स्थिति
वर्ष                              नमूने             फेल
2024 अब तक             544               88
2023                         1656             345
2022                         1045             302
2021                          394              114
2020                          212               64
2019                          439               128

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