गाजियाबाद में सऊदी अरब से खरखौदा निवासी नसीमू के पास हवाला के जरिए भेजी जा रही 40 लाख की रकम उसी के एक परिचित ने अपने साथियों के साथ लूट ली। डासना में अंडरपास के नजदीक 28 दिसंबर को इस वारदात को अंजाम दिया गया।
मनी ट्रांसफर करने वाली कंपनी, लूट का शिकार हुआ उसका कर्मचारी और पैसा रिसीव करने वाले नसीमू नौ दिन तक इस घटना को पुलिस से छिपाए रहे। पांच जनवरी बुधवार को पीड़ित ने मसूरी थाने में तहरीर दी तो पुलिस ने टीमें लगाकर गुरुवार को सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी गई रकम में से 26 लाख रुपये बरामद कर
लिए।
पुलिस अधिकारियों ने ईडी को भी इसकी जानकारी दे दी है। एसपी देहात डॉ. ईरज राजा ने बताया कि 28 दिसंबर को डासना में 40 लाख रुपये की डकैती होने की सूचना पर पुलिस जांच में जुटी थी। लूटे गए रुपये का मामला हवाला कारोबार से जुड़ा मिला। दिल्ली अंबालाल मनी ट्रांसफर कंपनी के कर्मचारी रूप सिंह बुधवार 5 जनवरी को तहरीर दी। उसने बताया कि कंपनी के मालिक कैलाश ने उसे 40 लाख रुपये खरखौदा के नसीमू के परिचित नासिर को देने के लिए थे।
रकम को रिसीव करने वाले की पहचान के रूप में 771360 नंबर का 10 रुपये का नोट लेकर 40 लाख रुपये देने थे। पैसा लेकर आ रहे रूप सिंह को नासिर ने डासना अंडरपास के नीचे बुला लिया। रूप सिंह ने नासिर को रुपये उसके घर जाकर देने के लिए कहा। नासिर उसे बाइक पर बैठाकर ले जाने लगा। कुछ दूरी पर पहुंचने पर कार में बैठकर आए पांच बदमाशों ने रूप सिंह पर हथियार तान दिए और नासिर व अन्य लोग रुपयों का बैग लूटकर फरार हो गए।
एसपी देहात ने बताया कि इस घटना के खुलासे के लिए टीमें तैनात की गईं। पुलिस ने डकैती में शामिल रहे 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 26 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। एसपी देहात का कहना है कि डकैती के मामले में नौ लोगों की भूमिका सामने आई है, जिन्होंने रुपये बांटकर अपने रिश्तेदारों के यहां रखे हैं। इनमें से खरखौदा निवासी नासिर, पिलखुवा निवासी इमरान, मसूरी निवासी उमर, मुनव्वर, जेवर निवासी गुलफाम, पिलखुवा निवासी रिजवान, दादरी निवासी तौफीक को गिरफ्तार किया है। इनके साथी खरखौदा निवासी हसनैन और शादाब फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है।