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Ghaziabad News: लिव 52 की नकली दवा बनाने के मामले में 3 गिरफ्तार

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मुरादनगर। स्वॉट और पुलिस टीम ने नामी कंपनी के नाम से बन रही लिव-52 की नकली दवा के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। कब्जे से भारी मात्रा मेंं दवाएं, कंपनी की नकली पैकिंग और अन्य सामग्री बरामद की है।
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डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि बुधवार को स्वॉट और पुलिस ने लिव-52 के नाम से नकली दवा बनाने वाले गिरोह के तीन लोगों को गिरफ्तार किया। इनके नाम फरमान व जॉनी सिंह निवासी जलालाबाद गांव, मुजम्मिल निवासी जाकिर कॉलोनी लोहियानगर मेरठ है।
इनके कब्जे से लिव 52 की 35 हजार नकली गोलियां, 240 रेपरशीट, 485 प्लास्टिक की डिब्बी, पांच हजार ढक्कन, एक कंप्यूटर सिस्टम, वेन्यू कार व अन्य सामग्री बरामद की है। इस प्रकरण में पुलिस पांच लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
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इस तरह करते थे काम

पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि डिब्बियों और ढक्कनों को मेरठ में एकता प्लास्टिक उद्योग के मालिक कमालुद्दीन निवासी जमुनानगर मेरठ के यहां बनवाते थे। रेपर प्रिंटिंग प्रेस खैरनगर चौपला के पास मुज्जमिल निवासी जाकिर कॉलोनी मेरठ से कराते थे। डिब्बी और ढक्कन की डाई बनाने की मशीन डाई मेकर शकील निवासी जमुनानगर नवीनमंडी से तैयार कराई जाती थी। लिव-52 टेबलेट सोनीपत में सुबको लेबोरेट्रीज में बनवाते थे। जोनी सिंह निवासी जलालाबाद व फरमान के साथ मिलकर माल तैयार करते थे। जिस सिम से दवाइयों की सप्लाई के लिए मेडिकल फर्म से बात किया करते थे। वह जोनी के नाम से ली थी, एनपी ट्रेडिंग के नाम से फर्म थी। इस फर्म का मालिक मुकेश कुमार था। इस दवाई के बिल एनपी ट्रेडिंग कंपनी के नाम से बनवाकर बाहर भेजे जाते थे। फरमान जीएसटी की फर्जी विलिंग तैयार कराता था और कंपनियों को भेजे गये माल का पैसा एनपी ट्रेडिंग कंपनी के खाते में आता था, जिसे आपस में बांट लेते थे।
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