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रिजल्ट का काउंट डाउन शुरू, प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ीं

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रिजल्ट का काउंट डाउन शुरू, प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ी
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बुलंदशहर। लोकसभा चुनाव की मतगणना को लेकर रिजल्ट का काउंट डाउन शुरू हो गया है। मतगणना में अब महज दो दिन शेष हैं। मतगणना को लेकर प्रत्याशियों और उनकी पार्टी के पदाधिकारियों के दिलों की धड़कनें अभी से तेज हो गई हैं। हाल यह है कि उम्मीदवार रात में चैन से सो भी नहीं पा रहे हैं।
बुलंदशहर लोकसभा सीट से इस बार नौ प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। लोकसभा सीट पर दूसरे चरण में 18 अप्रैल को मतदान हुआ था। प्रमुख रूप से भाजपा के डॉ. भोला सिंह, सपा-बसपा के संयुक्त प्रत्याशी योगेश वर्मा और कांग्रेस के बंशी सिंह के बीच चुनाव हुआ। अभी तक प्रमुख पार्टी के दलों की तरफ से खुद के प्रत्याशी की जीत के दावे किए जा रहे हैं। अब जबकि मतगणना 23 मई को होनी है तो एक बार फिर चौखट, चौपाल से लेकर चौराहे तक चुनावी चर्चा तेज हो चुकी है। भाजपा को अगर फिर डॉ. भोला सिंह को लेकर उम्मीद है तो बसपा-सपा समर्थकों का दावा भी उनके प्रत्याशी के विजयी होने का है। कांग्रेस प्रत्याशी भी इसमें पीछे नहीं है। दावा तो निर्दलीय प्रत्याशियों द्वारा भी जीत का ही है। अब कौन जीतेगा, इसका पता तो 23 मई को मतगणना पूर्ण होने के बाद ही लगेगा, लेकिन इससे पहले चुनावी मैदान में खड़े प्रत्याशियों की मतगणना के दिन नजदीक आने से नींद उड़ी हुई है। भाजपा जिलाध्यक्ष हिमांशु मित्तल, बसपा जिलाध्यक्ष कमल राजन, सपा जिलाध्यक्ष हामिद अली और कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी ने अपने अपने उम्मीदवारों के जीत का दावा किया है।
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लोकसभा चुनाव के नतीजों को लेकर चर्चाएं और सट्टेबाजी शुरू
बुलंदशहर। लोकसभा चुनाव के लिए सभी चरणों का मतदान पूर्ण होने के बाद चुनावी चर्चा और चकल्लस का दौर शुरू हो गया है। वहीं, मतदान के बाद हार-जीत को लेकर सटोरिये भी सक्रिय हो गए हैं, जो बेखोफ स्थानीय प्रत्याशियों के साथ बड़े प्रत्याशियों की जीत-हार और किस पार्टी को कितनी सीट मिलेगी आदि पर सट्टा लगवा रहे हैं।
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जनपद की दो विधानसभाओं में पहले चरण में और बुलंदशहर लोकसभा में शामिल जनपद की शेष पांच विधानसभाओं में दूसरे चरण में मतदान हुआ था। अब हर किसी को 23 मई का इंतजार है। 23 मई को प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होगा। उससे पूर्व इन दिनों हर किसी की जुबान पर चुनाव की चर्चा ही है। कौन जीतेगा और कौन हारेगा, साथ ही किसकी पार्टी का दबदबा रहेगा, जीत-हार का अंतर क्या रहेगा, जैसे सवालों के जवाब लोग चर्चाओं में खोज रहे हैं। हर चौराहे पर इस समय चुनाव परिणाम की चर्चाएं ही हैं। चुनाव परिणाम को लेकर सटोरिये भी सक्रिय हो गए हैं। सटोरियों द्वारा स्थानीय प्रत्याशियों में कौन जीतेगा और कौन हारेगा पर तो सट्टा लग ही रहा है, साथ ही देश में किसकी सरकार बनेगी, किस पार्टी को कितनी सीट मिलेंगी आदि पर भी सटोरिये मोल-भाव कर रहे हैं।
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