एसएसपी ने बताया कि मैसेज फ्लैश होते ही जिला पुलिस हरकत में आ गई थी। हालांकि, उन्होंने अपने रूट के बारे में सेट पर कोई जानकारी पुलिस को नहीं दी थी। जिसके चलते शहर से लेकर देहात तक की पुलिस कप्तान की गाड़ी ट्रेस करने में जुटी रही। करीब डेढ़ घंटे तक कप्तान सड़कों पर घूमते रहे। इस दौरान कई प्वाइंट्स पर पुलिसकर्मियों ने उनकी गाड़ी को ट्रेस किया और वायरलेस सेट पर इसकी सूचना दर्ज कराई।
कुछ स्थानों पर मिली कमियां, अपडेट होगा प्लान
एसएसपी ने बताया कि उन्होंने हर प्वाइंट्स पर तैनात पुलिसकर्मियों को उनकी गाड़ी गुजरने का टाइम नोट कराने के निर्देश भी दिए थे। कुछ स्थानों पर खामियां मिली हैं, जिसके लिए स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। साथ ही, ट्रायल के दौरान कुछ स्थानों पर दो प्वाइंट्स के बीच में अधिक दूरी होने का भी पता चला, इसके लिए प्लान को अपडेट भी किया जाएगा।
लगातार जांची जाएगी पुलिस की मुस्तैदी
एसएसपी ने बताया कि यह सारा प्रयास अपराधियों और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर भागने वाले लोगों को तुरंत दबोचने के लिए किया जा रहा है। पुलिस की मुस्तैदी जांचने के लिए कई अफसरों को भी इस ट्रायल का हिस्सा बनाया जाएगा। किसी भी गाड़ी का नंबर सेट पर नोट कराकर उसकी लोकेशन पूछी जाएगी। हालांकि, इस दौरान पुलिस को उक्त नंबर की गाड़ी न रोकने के निर्देश रहेंगे।