जोन-7 में अफसरों व कर्मियों पर गिर चुकी है गाज
जोन-छह में इंदिरापुरम से पहले जोन-सात के राजेंद्रनगर में जीडीए की गोपनीय समिति ने 10 निर्माणाधीन एकल यूनिटों पर नक्शों के विपरीत निर्माण का मामला पकड़ा था। जांच में एक एकल यूनिट पर 15 से 20 फ्लैटों के निर्माण होते हुए पाए गए। मामले में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करते हुए जीडीए उपाध्यक्ष ने तत्काल प्रभाव से तीन सुपरवाइजरों को निलंबित कर दिया था। बाद में एक जेई के खिलाफ तत्काल तो चार अन्य के खिलाफ कार्रवाई की शासन को संस्तुति की गई। मामले में प्रवर्तन जोन-सात में तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को हटा दिया था।
क्षमता से अधिक बने फ्लैट, हुई सीवर-पानी की समस्या
जीडीए जोन-छह के इंदिरापुरम क्षेत्र में एकल यूनिटों पर क्षमता से अधिक बने फ्लैटों से क्षेत्र में सीवर, पार्किंग और पीने के पानी की समस्या खड़ी हो गई। क्षमता से अधिक फ्लैटों के निर्माण से सीमित पार्किंग होने से अधिकांश लोगों के वाहन सड़कों पर ही पार्क हुए देखे जा सकते हैं। इंदिरापुरम में सीवर-ड्रेनेज समस्या के चलते उसे नगर निगम लेने को तैयार नहीं है।
एकल यूनिटों के मानकों का जीडीए गेट पर लगा बोर्ड
बिल्डरों के चंगुल से खरीदारों को फंसने से बचाने को जीडीए हर संभव प्रयास कर रहा है। जीडीए ने घर खरीदार किन-किन बिंदुओं का ध्यान रखें, इसकी सूचना संबंधी बोर्ड प्राधिकरण गेट पर लगाया है। प्राधिकरण बायलॉज के तहत 150 से 300 वर्ग मीटर भूखंड पर तीन, 301 से 400 वर्ग मीटर भूखंड पर चार और 401 से 500 वर्ग मीटर भूखंड पर पांच यूनिटों का निर्माण किया जा सकता है।
इंदिरापुरम में एकल यूनिटों पर सर्वाधिक मानकों का उल्लंघन कर तादात से अधिक फ्लैटों का निर्माण हुआ। मानकों की सबसे अधिक उल्लंघन 2012 से 2016 के बीच में हुए। इस दौरान प्रवर्तन जोन-छह में तैनात रहे पांच अवर अभियंताओं पर कार्रवाई की शासन को संस्तुति की गई है। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए