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एकल यूनिटों पर क्षमता से अधिक फ्लैट निर्माण में फंसे पांच जेई, इंदिरापुरम में हुआ सर्वाधिक उल्लंघन

Tue, 17 Sep 2019 05:12 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद

सार

- 2012 से 2016 के बीच प्रवर्तन जोन-छह में तैनात रहे थे सभी जेई
- एकल यूनिट पर सर्वाधिक इंदिरापुरम में हुआ मानकों का उल्लंघन
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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जीडीए के इंदिरापुरम क्षेत्र में एकल यूनिटों पर मानकों से अधिक फ्लैट निर्माण मामले में जांच का दायरा बढ़ने से अधिकारियों की परेशानी बढ़ती जा रही है। इंदिरापुरम क्षेत्र में नक्शे के विपरीत बडे़ पैमाने पर हुए निर्माण मामले में जीडीए में पांच अवर अभियंता (जेई) फंस गए हैं।

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जांच में लापरवाही साबित होने पर जीडीए उपाध्यक्ष ने पांचों जेई के खिलाफ कार्रवाई की शासन को संस्तुति कर दी है। 2012 से 2016 के बीच तैनात रहे इन जेई के कार्यकाल में एकल यूनिटों पर धड़ल्ले से तादात से अधिक भवनों का निर्माण हुआ।

जीडीए की ओर से गठित गोपनीय समिति की जांच में 282 एकल यूनिटों पर मानकों से कई गुना फ्लैटों के निर्माण सामने आया। इंदिरापुरम में एकल यूनिटों पर 15 से 28 यूनिट फ्लैटों तक का निर्माण हुआ।
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जांच में बिल्डर और अधिकारियों की मिलीभगत से हुए इस खेल का सच का सच सामने आने पर पांच जेई के खिलाफ शासन में कार्रवाई की संस्तुति की गई है। सभी जेई प्राधिकरण के प्रवर्तन जोन-छह में तैनात थे।

विभागीय सूत्रों के मुताबिक 2012 से 2016 के बीच जोन-छह में करीब 1200 से अधिक  एकल यूनिटों पर नक्शे पास हुए। फिर इन एकल यूनिटों पर नक्शों के विपरीत और तय क्षमता से अधिक फ्लैटों का निर्माण किया गया।

नियम विरुद्ध बने इन भवनों की न तो कोई जांच हुई, और न कोई कार्रवाई। जीडीए उपाध्यक्ष ने गोपनीय समिति को चिह्नित की गई 282 एकल यूनिटों की जांच करने के साथ दोषी प्रवर्तन अनुभाग के अधिकारियों की सूची तैयार करने के आदेश दिए थे। मामले में पांच अवर अभियंताओं की लापरवाही सामने आई है। जांच में दोषी पाए जाने पर पांचों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर दी गई है।

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जोन-7 में अफसरों व कर्मियों पर गिर चुकी है गाज
जोन-छह में इंदिरापुरम से पहले जोन-सात के राजेंद्रनगर में जीडीए की गोपनीय समिति ने 10 निर्माणाधीन एकल यूनिटों पर नक्शों के विपरीत निर्माण का मामला पकड़ा था। जांच में एक एकल यूनिट पर 15 से 20 फ्लैटों के निर्माण होते हुए पाए गए। मामले में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई करते हुए जीडीए उपाध्यक्ष ने तत्काल प्रभाव से तीन सुपरवाइजरों को निलंबित कर दिया था। बाद में एक जेई के खिलाफ तत्काल तो चार अन्य के खिलाफ कार्रवाई की शासन को संस्तुति की गई। मामले में प्रवर्तन जोन-सात में तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को हटा दिया था।

क्षमता से अधिक बने फ्लैट, हुई सीवर-पानी की समस्या
जीडीए जोन-छह के इंदिरापुरम क्षेत्र में एकल यूनिटों पर क्षमता से अधिक बने फ्लैटों से क्षेत्र में सीवर, पार्किंग और पीने के पानी की समस्या खड़ी हो गई। क्षमता से अधिक फ्लैटों के निर्माण से सीमित पार्किंग होने से अधिकांश लोगों के वाहन सड़कों पर ही पार्क हुए देखे जा सकते हैं। इंदिरापुरम में सीवर-ड्रेनेज समस्या के चलते उसे नगर निगम लेने को तैयार नहीं है। 

एकल यूनिटों के मानकों का जीडीए गेट पर लगा बोर्ड
बिल्डरों के चंगुल से खरीदारों को फंसने से बचाने को जीडीए हर संभव प्रयास कर रहा है। जीडीए ने घर खरीदार किन-किन बिंदुओं का ध्यान रखें, इसकी सूचना संबंधी बोर्ड प्राधिकरण गेट पर लगाया है। प्राधिकरण बायलॉज के तहत 150 से 300 वर्ग मीटर भूखंड पर तीन, 301 से 400 वर्ग मीटर भूखंड पर चार और 401 से 500 वर्ग मीटर भूखंड पर पांच यूनिटों का निर्माण किया जा सकता है।

इंदिरापुरम में एकल यूनिटों पर सर्वाधिक मानकों का उल्लंघन कर तादात से अधिक फ्लैटों का निर्माण हुआ। मानकों की सबसे अधिक उल्लंघन 2012 से 2016 के बीच में हुए। इस दौरान प्रवर्तन जोन-छह में तैनात रहे पांच अवर अभियंताओं पर कार्रवाई की शासन को संस्तुति की गई है। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए

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