जेल भेजने का भय दिखाकर ठगी कर रहे साइबर अपराधियों ने एक महिला को 24 घंटे डिजिटल अरेस्ट रखकर पहले उनसे दस्तावेज लिए और फिर उनके ही बैंक खाते पर 9.91 लाख का कर्ज ले लिया। इसके बाद पूरी रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा ली। महिला को इस ठगी की जानकारी भी बैंक जाने पर हुई।
साइबर थाने की टीम को यह केस सौंपा गया है। ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है। मोबाइल नंबर और खाता संख्या की मदद से ठगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
- सच्चिदानंद, एडीसीपी क्राइम
महिला के खाते पर कर्ज लेकर कहा, पूरी रकम को वापस भेज दो
मनिका ने बताया कि जांच में सहयोग के नाम पर उनसे दस्तावेज मांगे गए। इनमें बैंक खाता संख्या, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज शामिल थे। उनसे कहा गया कि बैंक खाते की जांच होगी। खाते में कुछ रकम भेजी जाएगी। इसे बताए गए खातों में ट्रांसफर करनी होगी। थोड़ी देर बाद उनके मोबाइल पर 9.91 लाख रुपये जमा होने का मैसेज आया। उन्होंने पूरी रकम उन खातों में ट्रांसफर कर दी जिनके नंबर ठगों ने दिए थे। इसके बाद ठगों ने संपर्क काट लिया। इस पर उन्हें शक हो गया। वे अगले दिन बैंक गई तो पता चला कि उनके खाते पर ठगों ने ऑनलाइन पर्सनल लोन लिया है। इसके लिए उनसे लिए गए दस्तावेज इस्तेमाल किए गए हैं।
कंपनी की ईमेल आईडी हैक कर पांच लाख रुपये करा लिए ट्रांसफर
गाजियाबाद के विजयनगर क्षेत्र में कंपनी की ईमेल आईडी हैक कर ग्राहक को फर्जी बिल भेज व खाते की जानकारी देकर 5.07 लाख रुपये ट्रांसफर कराने का मामला सामने आया है। इस मामले में प्रेम नारायण शर्मा ने विजयनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने एफआईआर में बताया कि 17 से 22 अगस्त तक किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी कंपनी की ईमेल आईडी हैक कर ली। इसके बाद इसी आईडी से उनके ग्राहक को फर्जी बिल बनाकर भेज दिए। ग्राहक से कहा कि वह भुगतान कर दे। हैकर ने ग्राहक को अपने बैंक खाते की डिटेल भेज दी। ग्राहक को पता ही नहीं चला कि वह साइबर ठगी का शिकार हो रहा है। उसने ईमेल को कंपनी की मानकर 5,07,910 रुपये ट्रांसफर करा लिए। इसकी जानकारी उन्हें हुई तो हैरान रह गए। जांच कराई तो पता चला कि उनकी कंपनी के ईमेल को हैक करके यह ठगी की गई है। एसीपी का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है। हैकर का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
नोएडा : तीन घंटे डिजिटल अरेस्ट कर ऐंठे पांच लाख
पार्सल में ड्रग्स और क्रेडिट कार्ड समेत अन्य आपत्तिजनक सामान होने का डर दिखाकर साइबर जालसाजों ने आईटी इंजिनियर युवती को तीन घंटे तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा। साथ ही उसे जेल भेजने की धमकी देकर अलग-अलग खातों में कई बार में पांच लाख रुपये ट्रांसफर भी करा लिए। डरी सहमी युवती ने निजी बैंक से लोन लेकर तीन बार में जालसाजों द्वारा बताए गए खाते में रकम ट्रांसफर की। पीड़िता ने मामले की शिकायत सेक्टर-58 थाने की पुलिस से की है। जिन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई है, वह कामगारों के बताए जा रहे हैं। आगरा निवासी श्वेता सविता ने बताया कि सेक्टर-62 स्थित आईटी कंपनी में वह इंजीनियर हैं। 27 अगस्त को जब वह कमरे पर थीं तभी उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई।