आरडीसी स्थित कृष्णासागर होटल पर जीडीए ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जीडीए की जांच में होटल निर्माण में कई अनियमितताएं मिली हैं।
जीडीए की जांच में पता चला है कि लैंडयूज के विपरीत होटल रेजीडेंशियल प्लाट पर बनाया गया है। होटल मालिक ने बिना जीडीए की परमिशन लिए और शुल्क जमा किए तीन प्लाट को एक साथ मिला लिया है। होटल का नक्शा भी पास नहीं कराया गया है। जीडीए उपाध्यक्ष ने जल्द ही कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
बुधवार को जीडीए वीसी संतोष यादव ने बताया कि आरडीसी में उक्त प्लाट रेजीडेंशियल लैंडयूज के अंतर्गत आवंटित किए गए थे। आवंटी ने प्राधिकरण से इजाजत लिए बिना तीनों प्लाट का अमालगमेशन (एकीकरण) कर लिया। नियमानुसार प्लाट को विभाजित या एकीकरण करने से पहले प्राधिकरण से इजाजत लेनी होती है।
साथ ही इससे संबंधित शुल्क भी जमा करना होता है। और तो और इस पर बिना नक्शा पास कराए होटल का निर्माण भी कर लिया गया। फाइलों की जांच में गड़बड़ी का पता चला है। अवैध रूप से बने होटल पर कड़ी कार्रवाई होगी। साथ ही इसके निर्माण के दौरान अपने कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वाले प्राधिकरण के कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
होटल के निदेशक प्रमोद सिंघल ने कहा कि पहले दो प्लाट मिले, फिर एक। जैसे-जैसे प्लाट मिले, वैसे-वैसे निर्माण किया गया। आरडीसी में ऐसी कई और इमारतें बनी हैं। जीडीए अधिकारियों से मिलकर पक्ष रखा जाएगा।