उतर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद और भजनपुरा इलाके में बृहस्पतिवार को कुछ समय के अंतराल पर हुई दो हत्याओं के बाद से दहशत का माहौल है। दोनों ही मौतों को गैंगवार से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, पुलिस दोनों हत्याओं का एक- दूसरे के कनेक्शन होने की बात से इनकार कर रही है। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों मासूम, राहिल और नईम उर्फ काला को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्य आरोपी अभी फरार है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निरकार और राशिद को लगता था कि सैफ उसकी मुखबिरी करता है। इसको लेकर निरकार और सैफ का झगड़ा हुआ था। निरकार ने बेइज्जती करते हुए सैफ और उसके साथियों को मुर्गा बनाकर पीटा था। इसी बात से नाराज होकर वारदात को अंजाम दिया गया। निरकार ने पुलिस को दिए बयान में यही तथ्य बताए हैं।
सैफ और भरत ने चौहान बांगर की बतख वाली गली में राशिद और निरकार को घेर लिया, लेकिन वहां से निरकार भाग गया। आरोपियों ने राशिद की बहुत बेरहमी से हत्या कर दी। कुछ ही देर बाद इन लोगों ने निरकार को भी ब्रह्मपुरी के एक्स ब्लॉक में ढूंढकर गोली मार दी। उस पर चार-पांच राउंड गोलियां चलाई गई, लेकिन एक गोली उसके कंधे में लगी और वह बच गया।
वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने भरत को पिस्टल समेत दबोच लिया। लेकिन सैफ भागने में कामयाब हो गया। दूसरी ओर स्थानीय लोग व कुछ पुलिस अधिकारी इस थ्योरी को मानने से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि राशिद नासिर का बेहद करीबी था। पिछले साल 11 जनवरी को हुई महफूज हत्याकांड में वह शामिल था। महफूज छेनू का करीबी था।
वहीं चौधरी हैदर खुद को नासिर का भतीजा बताता था। नासिर के कोर्ट कचहरी और रुपयों की लेन-देन का काम हैदर ही देख रहा था। ऐसे में एक ही रात में राशिद व हैदर की हत्या अलग-अलग वारदात नहीं हो सकती। दोनों ही घटनाओं के पीछे किसी एक शख्स का हाथ है। जिले के स्पेशल स्टाफ समेत करीब आधा दर्जन टीमें मामले की जांच कर रही है।