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पबजी की लत ने दो नाबालिगों को बना दिया चोर, 19 मोबाइल के साथ पकड़े गए

Sun, 31 May 2020 06:29 AM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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पबजी गेम की लत ने दो नाबालिग लड़कों को चोर बना दिया। दोनों पबजी गेेम में चैंपियन बनने और दोस्तों पर रौब जमाने के लिए सेंधमारी करने लगे। लेकिन जल्द ही दोनों के काले कारनामों से पर्दा उठ गया। नेब सराय थाना पुलिस ने दोनों नाबालिगों को दबोच लिया।

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दोनों ने बृहस्पतिवार को नेबसराय के राजू पार्क स्थित एक मोबाइल की दुकान में सेंध लगाई थी। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर चोरी के 19 मोबाइल, दो टेबलेट, एक लूडो, चैस बोर्ड और चार बैटरी बरामद की है।

दोनों की काउंसलिंग कराकर उनसे जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुुमार ठाकुर ने बताया कि शुक्रवार सुबह राज पार्क में विकास सिंह नामक शख्स ने अपनी दुकान में चोरी की जानकारी दी।
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उनकी दुकान से 20 मोबाइल, दो हजार रुपये, लूडो, चैस बोर्ड व अन्य सामान चोरी हुआ था। फौरन इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की गई। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे से पुलिस को कुछ अहम सुराग हाथ लगे।

च के बाद पुलिस ने एक सूचना के बाद शिव पार्क मंदिर के पास से एक आरोपी नाबालिग को दबोच लिया। उसके पास से कुछ मोबाइल व अन्य सामान बरामद हुआ।

नाबालिग की निशानदेही पर दूसरे नाबालिग को भी दबोच लिया गया। दोनों के पास से चुराया गया सामान बरामद हुआ। आरोपियों ने बताया कि उनको पबजी गेम खेलने का शौक है। दोनों में अपना रौब जमाने के लिए उन्हें रुपयों व मोबाइल की जरूरत थी। इसलिए वह चोरी करने लगे।

ऑनलाइन आर्डर कैंसिल के दौरान बैंक खाते में सेंध
ई-कॉमर्स वेबसाइट पर आर्डर कैंसिल करने के लिए संपर्क करने पर आरोपी ने एक लिंक भेजकर युवक के अकाउंट से हजारों रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने फर्जीवाड़ा का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हौजकाजी में रहने वाला यासिर अहमद फेसबुक के माध्यम से ई-कॉमर्स वेबसाइट शॉप क्लू पर एक वाशिंग मशीन का आर्डर दिया।

लेकिन परिवार वालों आर्डर कैंसिल करने के लिए कहा। यासिर गूगल से शॉप क्लू कंपनी का एक नंबर लेकर उस पर संपर्क किया और आर्डर कैंसिल करने के लिए कहा। संपर्क करने वाले व्यक्ति उसे इसके लिए दस रुपये भुगतान करने के लिए कहा और भीम एप के जरिये उसके व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजा। लिंक को खोलने के बाद यासिर ने दस रुपये का भुगतान कर दिया।
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कुछ देर बाद आरोपी ने भेजे गए लिंक को डिलिट कर दिया। फिर यासिर के मोबाइल पर एक एक कर उसके अकाउंट से 95 हजार रुपये निकाले जाने का मैसेज आया। 

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