दिल्ली के भागीरथी विहार नाले के पास 5 अगस्त को अशरफ नामक युवक का शव मिलने का मामला सुलझ गया है। वह गैंग का लीडर था और साथियों के साथ मिलकर लूटपाट व सेंधमारी की वारदात को अंजाम देता था।
सीलमपुर में लोहे के पुल के पास एक शख्स को लूटने के दौरान साथी की चलाई गई गोली से उसकी मौत हुई थी। गोकलपुरी थाना पुलिस ने हत्या के मामले को सुलझाते हुए तीन बदमाशों को दबोच लिया।
आरोपियों की पहचान भागीरथी विहार निवासी मोहम्मद आलम (26), ओल्ड मुस्तफाबाद निवासी रिजवान (20) और नूर हसन कॉलोनी, पसोंडा, साहिबाबाद निवासी नदीम (19) के रूप में हुई है। इनके पास से दो बाइक, अशरफ का हेलमेट व खून से सने कपड़े बरामद किए गए।
भागीरथी विहार नाले के किनारे फेंककर फरार हुए
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त आरए संजीव ने बताया कि 5 अगस्त को अशरफ का शव मिलने के बाद मोबाइल की कॉल डिटेल व अन्य सबूतों के आधार पर छानबीन शुरू की। पता चला कि आलम नाम का युवक गायब है। पुलिस ने 15 अगस्त को उसे पकड़ लिया। आलम ने बताया कि गैंग के सदस्य मंटर व दानिश की सूचना पर एक शख्स को सीलमपुर में लोहे के पुल के पास लूटने की योजना बनाई गई।
इसके तहत एक बाइक पर नदीम, अशरफ व आलम सवार थे, जबकि एक अन्य बाइक पर रिजवान व अन्य साथी बैठे थे। नदीम बाइक चला रहा था, जबकि अशरफ हेलमेट लगाकर बीच में बैठा था।
लूटपाट के दौरान अशरफ ने आलम से गोली मारने को कहा, लेकिन गोली लूटे जाने वाले शख्स की बजाय अशरफ के सिर में जा लगी, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद बदमाश वहां रुके नहीं। वे बाइक पर अशरफ के शव को ले गए और भागीरथी विहार नाले के किनारे फेंककर फरार हो गए। आलम की निशानदेही पर रिजवान और नदीम को पकड़ लिया गया। पुलिस मंटर, दानिश और सद्दाम की तलाश कर रही है।