दिल्ली के हौजखास इलाके से अपहरण कर ग्रेटर नोएडा ले जाकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने टेक्नीकल सर्विलांस से महिला के बयानों पर सवाल उठाए हैं। पुलिस का दावा है कि महिला के बयान और टेक्नीकल सर्विलांस एक-दूसरे के उलट हैं।
दूसरी तरफ पुलिस अब तक टैक्सी चालक व उसके साथी का कुछ पता नहीं लगा पाई है। पुलिस घटना वाली जगह की पहचान व मौका मुआयना कराने के लिए बृहस्पतिवार को महिला को ग्रेटर नोएडा ले गई थी।
दक्षिण जिला डीसीपी ईश्वर सिंह ने बताया कि महिला के बयान के बाद पुलिस ने महिला के मोबाइल की जो लोकेशन निकाली बयान के विपरीत आ रही थी। मोबाइल की लोकेशन के आधार पर महिला के बयानों की जांच की जा रही है।
सीसीटीवी कैमरों में दर्ज फुटेज को खंगाला जा रहा है
demo pic
उन्होंने कहा कि महिला ने अपने बयानों में दोनों आरोपियों का जो हुलिया बताया है उस आधार पर उनको पकडने की कोशिश की जा रही है। टैक्सी की भी तलाश की जा रही है।
डीसीपी ने बताया कि क्राइम सीन का भी मौका मुआयना किया गया है। इसके अलावा पीड़िता ने हौजखास से लेकर ग्रेटर नोएडा तक ले जाने का जो रूट बताया है उस रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों में दर्ज फुटेज को खंगाला जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला ने बताया कि 14 नवंबर की रात करीब 12 बजे टैक्सी ली थी और रात डेढ़ बजे उसके साथ ग्रेटर नोएडा के परी चौक में सामूहिक दुष्कर्म हुआ।
पुलिस अधिकारी इस बात पर भी सवाल उठा रहे हैं कि रात में महिला को रूट कैसे याद हो गया। पीड़ित महिला की करीब नौ महीने पहले शादी हुई थी। गौरतलब है कि रोहिणी की रहने वाली महिला ने आरोप लगाया कि वह मेंहदीपुर बालाजी जाने के लिए 14 नवंबर की शाम सराय कालेखां बस अड्डे पहुंची थी।
गौतमबुद्ध नगर पुलिस जांच में सहयोग देगी
प्रतीकात्मक तस्वीर
यहां पर उसे मेंहदीपुरी बालाजी की बस नहीं मिली तो वह वापस रोहिणी लौट रही थी। हौजखास इलाके में वह दूसरे ऑटो का इंतजार कर रही थी। यहां से टैक्सी चालक अपने साथी के साथ उसे डरा धमकाकर ग्रेटर नोएडा के परी चौक ले गया और वहां दोनों ने उससे टैक्सी में सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोपी उसकी ज्वेलरी व कैश भी लूटकर ले गए थे।
एसपी ग्रामीण सुनीति ने बताया कि इस मामले में पीड़ित महिला ग्रेटर नोएडा पुलिस के पास मदद मांगने नहीं पहुंची है। वहीं, इस मामले में अभी तक दिल्ली पुलिस ने ग्रेनो पुलिस से कोई संपर्क नहीं किया है। यदि दिल्ली पुलिस कोई सहयोग मांगती है तो उन्हें पूरी तरह से सहयोग दिया जाएगा।