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रोहिणी कोर्ट में गलती से मारा गया था कैदी विनोद, आरोपियों ने कबूला जुर्म

Sat, 18 Nov 2017 10:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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rohini court - फोटो : अमर उजाला
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रोहिणी अदालत में विचाराधीन कैदी विनोद की हत्या के मामले में पुलिस ने एक नाबालिग समेत तीन आरोपियों को पकड़ा है। इनकी पहचान पूछताछ में आरोपियों ने विनोद की हत्या करवाने की बात कबूल कर ली है।
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हालांकि, पुलिस कारणों का खुलासा नहीं कर रही है। सूत्रों का कहना है कि वारदात को तिहाड़ जेल में बंद नीरज बवानिया के इशारे पर अंजाम दिया गया। पूछताछ में यह भी पता चला है कि हत्या नीरज के विरोधी गुट के बदमाश की करनी थी, गलती से विनोद की हत्या कर दी गई।  

अमर उजाला ने घटना वाले ही दिन संदेह जता दिया था कि विनोद कहीं गलत पहचान की वजह से तो नहीं मारा गया था। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए बदमाशों की पहचान प्रवीण चहर और विक्रम सहरावत के रूप में हुई है। इस मामले में गोली चलाने वाले अब्दुल खान ने घटना के समय ही सरेंडर कर दिया था। 
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नीरज बवानिया विरोधी गुट के बदमाश की हत्या करवाना चाहता था

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आरोपियों ने खुलासा किया है कि नीरज बवानिया विरोधी गुट के बदमाश की हत्या करवाना चाहता था।  डेढ़ माह पहले विक्रम तिहाड़ जेल में नीरज से मिला था। बताया जा रहा है कि जिस बदमाश की हत्या करनी थी वह नीरज बवानिया के गैंग के सदस्यों को पहचानता था।

इसलिए नीरज ने किसी नए व्यक्ति से उसकी हत्या करने की साजिश रची। विक्रम अपने परिचित प्रवीण के जरिये अब्दुल खान को इस काम के लिए चुना। घटना वाले दिन विक्रम और प्रवीण ने अब्दुल को नशा करवाया और फिर बदमाश का फोटो दिखाया।

उसके बाद रोहिणी कोर्ट में नाबालिग आरोपी ने उक्त बदमाश समझकर विनोद की तरफ इशारा कर दिया। गलत पहचान की वजह से विनोद की हत्या कर दी गई। फिलहाल पुलिस इस मामले में अधिकारिक रूप से कुछ भी कहने से बच रही है। जिला पुलिस उपायुक्त ऋषिपाल का कहना है कि प्रवीण पर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और मारपीट करने के अलावा गोली चलाने का एक मामला दर्ज है। वहीं विक्रम पर कार लूट के दो मामले दर्ज हैं। 
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