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खालिस्तानी आतंकियों की मदद का मामला: बहुत बढ़िया क्वालिटी की पिस्टल करते थे सप्लाई, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से ली थी ये ट्रेनिंग

Fri, 27 Aug 2021 12:04 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

झारखंड का गैंगस्टर अमन साहू राजेंद्र और नरेंद्र से हथियार लेने के अलावा बाकी तस्करों से भी हथियार लेता था। अमन झारखंड में बड़ा नाम है। रंगदारी वसूलने में उसका नाम आता है।
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खालिस्तानी आतंकियों को हथियार सप्लाई करने वाले गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों राजू और जीतू से ट्रेनिंग लेकर राजेंद्र और उसके भाई नरेंद्र ने सोशल मीडिया पर वेब पेज बनाने की ट्रेनिंग ली थी। इसके अलावा दोनों ने बताया था कि कैसे सोशल मीडिया को इस्तेमाल किया जाता है। सोशल मीडिया पर एक्टिव होने के बाद राजेंद्र व नरेंद्र खालिस्तानी मूवमेंट और देशभर के गैंगस्टरों से जुड़ गए। इसके साथ यह झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू के भी संपर्क में आए। खालिस्तानी और गैंगस्टर वेब पेज पर दिए गए नंबरों के आधार पर इनसे संपर्क कर हथियार मंगवाते थे।

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झारखंड का गैंगस्टर अमन साहू राजेंद्र और नरेंद्र से हथियार लेने के अलावा बाकी तस्करों से भी हथियार लेता था। अमन झारखंड में बड़ा नाम है। रंगदारी वसूलने में उसका नाम आता है। राजेंद्र और नरेंद्र फेसबुक के अलावा व्हाट्सएप पर भी हथियार सप्लाई कर रहे थे। इनका पिता प्रीतम सिंह भी गांव में हथियार बनाकर सप्लाई करने का काम करता है।

राजेंद्र और नरेंद्र के बाकी भाइयों का भी यही धंधा है। यह लोग इतनी उम्दा किस्म की पिस्टल बनाते हैं कि सरकारी आयुध फैक्टरी में बनी और इनके द्वारा बनाई गई पिस्टल में फर्क करना बेहद मुश्किल है। यह लोग सात हजार की पिस्टल के बदले 25 से 50 हजार रुपये वसूल करते थे। राजेंद्र के खिलाफ दो अपराधिक मामले और बबलू सिंह के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। बबलू राजेंद्र और नरेंद्र के कहने पर हथियार सप्लाई करता है।
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सोशल मीडिया पर तस्करी के लिए पेज बनाकर खालिस्तानी समर्थकों को बेचते थे हथियार, दो गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हथियार तस्करी करने वाले दो ऐसे बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जो सोशल मीडिया के जरिये खालिस्तानी समर्थकों व कई राज्यों के गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई कर रहे थे। आरोपियों की पहचान बड़वानी, मध्य प्रदेश निवासी राजेंद्र सिंह बरनाला (22) और बबलू सिंह (30) के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 18 पिस्टल व 60 कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने फेसबुक समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने वेब पेज बनाए हुए थे। बकायदा यहां पर वर्चुअल नंबर दिए गए थे। इन नंबर पर संपर्क कर हथियारों का ऑर्डर दिया जा सकता था।

आरोप है कि गैंग खालिस्तानी समर्थकों की गतिविधियों से काफी प्रभावित था। वह देशभर में खालिस्तानी समर्थकों के अलावा गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई कर रहे थे। पुलिस को मामले में कई अन्य लोगों की तलाश है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि पिछले करीब एक साल से उनकी टीम खालिस्तानी समर्थकों व कार्यकर्ताओं पर पंजाब के अलावा दिल्ली-एनसीआर पर नजर रखे हुए थे। इस दौरान टीम ने कई खालिस्तानी आतंकियों को गिरफ्तार भी किया। 

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