शाहदरा जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीना ने बताया कि एक दिसंबर को शाहदरा जिला निवासी नाजरीन कौर ने साइबर थाना पुलिस को ठगी की शिकायत दी थी। पीड़िता ने बताया कि वह पार्ट टाइम नौकरी देख रही थी। इस दौरान सोशल मीडिया पर उन्होंने देखा कि लाइक-शेयर करने और आसान काम के बदले ठीक-ठाक पैसे देने की बात की जा रही है।
पीड़िता ने इस ग्रुप में 1000 रुपये निवेश कर दिए। इसके बदले उन्हें 1300 रुपये दिए गए। इसके बाद आरोपियों ने धीरे-धीरे लाभ बढ़ाकर उसे जाल में फंसा लिया। धीरे-धीरे उससे 1.98 लाख रुपये लेकर आरोपियों ने फोन बंद कर लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।
ऐसे पकड़े गए
साइबर थाना पुलिस ने एसआई पुष्पेंद्र पांडेय व अन्य की टीम का गठन किया। टीम ने सबसे पहले उन खातों की पड़ताल की, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी। एक खाते में एक लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। उस खाते से लिंक मोबाइल नंबर की जांच की गई। छानबीन के बाद पुलिस ने अंकित गुप्ता नामक आरोपी को दिल्ली के पीतमपुरा से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसके साथी भारत भूषण को पलवल से दबोच लिया गया। आरोपियों ने खुलासा किया कि इनके गैंग के दो और लोग बेंगलुरु में हैं। गिरोह का मास्टर माइंड अंकित गुप्ता है, जिसने बीटेक कर रखी है। गिरोह देशभर के सैकड़ों लोगों से ठगी कर चुका है।