पूर्वी दिल्ली। प्रियदर्शिनी विहार स्थित गणेश सेवा मंडल के श्री गणेश महोत्सव का इस बार नई पहल के साथ समापन हुआ। परंपरागत मूर्ति विसर्जन के बजाय भगवान गणेश की प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर विराजमान किया गया।
समापन समारोह की शुरुआत सत्यनारायण भगवान के पूजन और हवन से हुई। इसके बाद विधि-विधान के साथ भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना की गई। समिति अध्यक्ष राज कात्याल ने बताया कि विसर्जन के दौरान बड़ी मात्रा में पानी का उपयोग होता है और प्रतिमाएं नदियों व जलाशयों में पहुंचकर प्रदूषण का कारण बनती हैं। इसी को देखते हुए प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर स्थापित रखने का फैसला किया गया।
उन्होंने कहा कि यमुना सहित अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने की जिम्मेदारी समाज की भी है। महोत्सव के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक गतिविधियां भी हुईं। पंडाल में निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए गए। संवाद