यह है शहरी कृषि
शहरी खेती के तहत यदि पर्याप्त धूप उपलब्ध हो तो लोग अपने घर की छत पर फल, सब्जियां और पौधे उगा सकते हैं। शहरी खेती से लोगों को उन खाद्य उत्पादों में कीटनाशकों और हानिकारक रसायनों से बचने में मदद मिलेगी, जिनका वे दिन-प्रतिदिन उपभोग करते हैं। साथ ही इससे शहर में हरित क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली सरकार का हार्टिकल्चर विभाग इस पहल के लिए नोडल विभाग के रूप में काम करेगा।
दिल्ली पर्यावरण संरक्षण समिति का होगा गठन
इस अभियान को बेहतर तरीके से चलाने के लिए दिल्ली पर्यावरण संरक्षण समिति का गठन होगा। इसमें एनजीओ, आरडब्ल्यूए, पर्यावरण विशेषज्ञ, एमएलए और पार्षदों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इससे वार्ड स्तर पर होने वाले प्रदूषण के कारणों और उसके निवारण का तंत्र तैयार करने में सहायता मिलेगी।
योजना का मकसद
-दिल्ली के शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों का खेती से जुड़ाव बढ़ेगा।
-शहरी कृषि पद्धतियों पर प्रौद्योगिकी हस्तांतरण होगा।
-दिल्ली में खेती की जरूरतों पर प्रोत्साहन के साथ-साथ ज्ञान आदान-प्रदान होगा।
-दिल्ली के नागरिकों से लगातार जुड़ाव और बड़े पैमाने पर शहरी खाद्य आंदोलन को बढ़ावा मिलेगा।
-शहरी कृषि उद्यमिता विकास के लिए प्रशिक्षण की जरूरतें पूरी होंगी।
-आधुनिक शहरी खेती के कई पहलुओं के तहत हरित नौकरियों में वृद्धि होगी।