सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रहने वाले स्वास्थ्य कर्मी पिछले आठ माह से खारा पानी पीने को मजबूर हैं। इससे न केवल यहां रहने वाले कर्मी परेशान हैं बल्कि अस्पताल में आने वाले मरीज भी बेहाल हैं। जो दवा लेने के लिए खारा पानी का इस्तेमाल करते हैं। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा बार-बार संबंधित विभाग को शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है।
फिरोजपुर झिरका में बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शहर सहित गांवों के हजारों लोग रोजाना अपना इलाज कराने आते-जाते रहते हैं। बाहर से आए मरीजों के लिए बनाया गया वाटर टैंक पिछले कई महीनों से बिना पानी के सूखा पड़ा हुआ है। यहां आने वाले मरीजों ने बताया कि सरकारी अस्पताल में ईलाज तो सस्ता है लेकिन पानी महंगा है। अस्पताल में पानी की समस्या के चलते उन्हें बाजार से 20 से 25 रुपये देकर पानी की बोतल खरीदनी पड़ती है।
उधर पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे डॉक्टरों व स्टाफ नर्सों ने बताया कि पीने के पानी की समस्या के चलते उन्हें और अस्पताल में आने वाले मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है लेकिन इस समस्या का कोई समाधान नही हो पाया है।
इस विषय पर कार्यकारी एसएमओ डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि अस्पताल परिसर में पीने के पानी की समस्या के बारे में कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया गया है। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।