ग्रेटर नोएडा में जार सुइट्स के नाम पर अनधिकृत निर्माण कर फ्लैट बेचने के मामले में सुपरटेक के चेयरमैन आरके अरोड़ा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि पीड़ित से फ्लैट के नाम पर 44 लाख रुपये ठग लिए गए। जब कब्जे का वक्त आया तो फ्लैट को सील कर दिया गया। इसके बाद न तो अब तक फ्लैट मिला, न ही पैसे वापस किए गए हैं।
एसएसपी के आदेश पर कोतवाली सेक्टर-58 में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, सेक्टर-82, केंद्रीय विहार निवासी आरके द्विवेदी ने 9 मार्च 2013 को सुपरटेक बिल्डर के प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराया था। ग्रेटर नोएडा के ओमीक्रॉन के टावर निकोलस-3 में 1008 नंबर का फ्लैट बुक किया गया।
1405 स्क्वायर फीट के इस फ्लैट की कीमत 38.10 लाख रुपये थी। इसके बाद बिल्डर बायर्स एग्रीमेंट के तहत अप्रैल 2015 तक फ्लैट का कब्जा मिलना था। बाद में आरके द्विवेदी से बिल्डर की तरफ से कब्जा पेमेंट डिमांड नोटिस देकर 7.23 लाख रुपये और ले लिए गए।
अब तक फ्लैट के लिए 44 लाख रुपये बिल्डर को दिए जा चुके हैं। इसके बाद सुपरटेक ने उन्हें नो ड्यूज सर्टिफिकेट भी दिया, लेकिन फ्लैट नहीं मिला। दरअसल, सुपरटेक ने इस प्रोजेक्ट में अनधिकृत निर्माण किया था।