बल्लभगढ़-सोहना रोड स्थित दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज के तीन छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी कर भविष्य खराब करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है।
हरियाणा राज्य तकनीकी शिक्षा संस्था में इन छात्रों का पंजीकरण कराए बगैर ही उन्हें एडमिशन दिलाया गया। रिजल्ट नहीं मिलने से परेशान छात्रों ने विश्वविद्यालय जाकर पता किया तो सच्चाई सामने आई। मुजेसर पुलिस फिलहाल मामले की जांच में जुटी है।
मुजेसर थाने में इंजीनियरिंग के छात्र मो. हामिद हुसैन निवासी रायपुर बिहार, सेक्टर 37 के शशिभूषण और एसजीएम नगर निवासी दीपक वशिष्ठ ने केस दर्ज कराया है। छात्रों के मुताबिक इन तीनों ने इस इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक डिग्री के लिए प्रवेश लिया था।
प्रथम सत्र की परीक्षा आने पर इन तीन के साथ कुल आठ छात्रों के रोल नंबर नहीं आए। तीनों छात्र कॉलेज चेयरमैन अक्षय धवन से मिले तो उन्होंने परीक्षा से पहले रोल नंबर मिल जाने का आश्वासन दिया। परीक्षा से पहले रोल नंबर मिल गया और तीनों ने प्रथम व द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं दीं।
इन छात्रों से तीन किस्तों में 58 हजार, 66,500 और 90,500 रुपये फीस के रूप में लिए गए। प्रथम और द्वितीय की परीक्षाओं को रिजल्ट नहीं आने पर तीनों कॉलेज के प्रधानाचार्य से मिले। बताया गया कि कुछ तकनीकी खराबी के चलते रिजल्ट रुका हुआ है।
तीनों छात्र पूरी जानकारी के लिए रोहतक स्थित विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां उन्हें बताया गया कि उनका नाम हरियाणा राज्य तकनीकी संस्था में पंजीकृत ही नहीं है। उन्होंने बताया कि वे दो सेमेस्टर की परीक्षाएं दे चुके हैं। उन्हें विवि की ओर से बताया गया कि तीनों ने कोर्ट में केस डाल रखा है।
कोर्ट के आदेश पर परीक्षाएं तो दिलवा दी गईं लेकिन केस फाइनल होने तक उन्होंने रिजल्ट नहीं दिया जा सकता। इसके बाद वे जिला न्यायालय में केस की जानकारी ली।
यहां पता चला कि उनके नाम पर तीन फर्जी लोगों को खड़ा कर, नकली हस्ताक्षर कराकर कॉलेज प्रशासन की ओर से यूनिवर्सिटी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। अब एसएचओ सेक्टर 55 ने बताया कि केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही कॉलेज प्रशासन से पूछताछ की जाएगी।