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इन 4 बड़े खुलासों के बाद दाती महाराज को जाना पड़ सकता है जेल, कल होगी सुनवाई

Tue, 10 Jul 2018 04:40 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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dati maharaj - फोटो : अमर उजाला
अपनी शिष्या से दुष्कर्म मामले के आरोप में फंसे दाती महाराज के पाली स्थित आश्रम से चार बड़े खुलासे हुए हैं जो उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भी पहुंचा सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ दाती महाराज का केस सीबीआई को सौंपने की मांग को लेकर दायर याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रिमिनल रिट पिटीशन में तब्दील कर आपराधिक बेंच को भेज दी है। इस पर सुनवाई बुधवार 11 जुलाई को होगी।
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dati maharaj - फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि दाती महाराज के खिलाफ दिल्ली के अलावा राजस्थान में तीन स्तरों पर जांच चल रही है। इसी सिलसिले में राज्य महिला आयोग को दाती महाराज के खिलाफ जांच में भारी गड़बड़ियां मिली हैं। आयोग ने जांच के बाद जो रिपोर्ट तैयार की है वो दाती महाराज के गले की फांस साबित हो सकती है। राजस्थान महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा ने दाती महाराज के आश्रम की चार गड़बड़ियों के बारे में विशेष उल्लेख किया है। ये हैं वो चार खुलासे-

1- राज्य महिला आयोग ने दाती महाराज के पाली स्थित आश्वासन बाल ग्राम संस्थान में 18 जून को दौरा किया था। उस निरीक्षण के दौरान ये बात सामने आई कि छुट्टियों के दौरान लड़कियों को आश्रम के हॉस्टल से ले जाने वालों और वापस छोड़ने के लिए आने वाले लोगों के नाम-पते गलत होते थे। वहीं ये भी पता चला है कि आश्रम में स्कूल और कॉलेज नियम के अनुसार संचालित नहीं हो रहे।
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दाती महाराज दोबारा पहुंचे क्राइम ब्रांच - फोटो : अमर उजाला
2- निरीक्षण रिपोर्ट में उल्लेख है कि कई लड़कियों के तो एडमिशन फार्म में ही अभिभावकों और संरक्षकों के नाम-पते गलत दर्ज मिले। इस तरह से आयोग को यह भी पता नहीं चल सका है कि बच्चियां कहां से और कब लाई गईं।

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dati maharaj - फोटो : अमर उजाला
3- निरीक्षण के दिन महिला आयोग को पाली आश्रम में 80 अनाथ लड़कियां मिलीं। लेकिन इसमें हैरानी की बात ये है कि इनमें से ज्यादातर को उदयपुर के कोटड़ा से लाया गया है। आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा ने हैरानी जताते हुए बताया कि इन 80 बच्चियों को लेकर आश्रम में कोई रिकॉर्ड नहीं है।
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फाइल फोटो
4- आश्रम में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूल और एक कॉलेज में छात्राओं की संख्या 153 बताई गई। लेकिन जब गिनती की गई तो असल में 253 छात्राएं निकलीं। इनके नाम और पते अधूरे मिले। आयोग की टीम की रिपोर्ट के मुताबिक आश्रम के स्कूल और कॉलेज में शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग की ओर से तय मानदंडों का कोई पालन होता नहीं मिला। इससे भी बड़ी हैरानी की बात तो ये थी कि आश्रम के स्कूल-कॉलेज में एनरोलमेंट के रिकॉर्ड का भी रख-रखाव नहीं मिला। सरकार की ओर से स्कूल और कॉलेजों के लिए जो रजिस्टर तय किए गए हैं, वो भी आयोग की टीम ने मांगे तो आश्रम के पास नहीं थे।
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