शहर में सात सौ मोबाइल टावर पहले ही रेडिएशन फैला रहे थे, अब नगर निगम की मंजूरी के बाद लगने वाले 136 फोर-जी नेटवर्क के टावर से रेडिएशन का खतरा बढ़ गया है। पार्कों से लेकर खाली जगहों पर फोर-जी टावर लगाए जाएंगे। मोबाइल टावरों से रेडिएशन की मात्रा बढ़ी तो शहर में गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।
निगम पार्षद और आरडब्ल्यूए संगठन शुरुआती दौर से ही टावरों का विरोध कर रहे हैं। यूपी सरकार की ओर से अनुमति मिलने के बाद नगर निगम ने भी किराया तय करने के बाद सहमति दे दी है।
टावरों को ऐसे क्षेत्रों में भी अनुमति दे दी गई है, जहां घरों से इनकी दूरी 10 मीटर से भी कम हैं। ऐसे में इनसे निकलने वाला इलेक्ट्रोमेग्नेटिक रेडिएशन लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।
निगम पार्षद निगम शिवकुमार अग्रवाल ने कहा कि अधिकारियों को टावरों की निरंतर मानीटरिंग किए जाने के लिए कहा है। टावर लगाने के साथ ही कंपनी इस बात का प्रमाण देगी कि इससे निकलने वाला रेडिएशन निर्धारित मात्रा के भीतर ही है।