पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अपने परिचितों को विश्वास में लेकर उनका बैंक खाता खुलवाया था। उनके एटीएम कार्ड व चेकबुक अपने पास रख ली थी। इन खाते का उपयोग वे इस तरह की धोखाधड़ी करने में करते थे। एसटीएफ के सहायक उप निरीक्षक विजय कुमार ने बताया कि रविवार को आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद सोमवार को अदालत में पेश किया गया। उन्हें 4 दिन की रिमांड पर लिया गया है।
यूं करते थे धोखाधड़ी
आरोपी रुपये निकालने के लिए एटीएम मशीन पर जाते थे। रुपये गिनकर जब मशीन रुपये बाहर निकालने वाली होती थी तो यह मशीन को हैक कर लेते थे। जबकि इस दौरान रुपये बाहर आ जाते थे। कस्टमर केयर में फोन कर बैंक खाते से रुपये न निकलने की शिकायत दर्ज करवाते थे। बैंक भी ट्रांजेक्शन फेल पाकर खाता धारक के खाते में रुपये वापस जमा कर देता था। रुपये खाते में जमा होते ही यह निकाल लेते थे और आपस में बांट लेते थे।