इसके बाद न्यायधीश ने बेटे ध्रुव के अंगदान कर अन्य लोगों का जीवन बचाने का प्रयास किया। सोमवार रात को न्यायधीश की सहमति के बाद अंगदान करने की कार्रवाई चिकित्सकों ने शुरू कर दी थी। सोमवार शाम को न्यायधीश मेदांता अस्पताल पहुंच गए। यहां सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद देर रात करीब 11 बजे ऑपरेशन शुरू किया गया।
इस दौरान दोनों किडनी व लीवर को निकाल लिया गया। इन्हें सरकार के नियमानुसार जरूरतमंदों को लगाया जाएगा। सूत्रों की मानें तो किडनी दिल्ली के एक अस्पताल में दो मरीजों को दिया गया है, जबकि लीवर गुरुग्राम के एक अस्पताल में एक मरीज को दिया गया है।
ऑपरेशन के बाद मंगलवार अल सुबह न्यायधीश की मौजूदगी में मेदांता अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे वेंटीलेटर से हटाया। सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे शव को परिजनों को सुपुर्द कर पोस्मार्टम के लिए भेजा गया। मेडिकल बोर्ड ने पुलिस की फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया। बुधवार को अंतिम संस्कार होगा।