लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों को घर भेजने के नाम पर पूर्व सांसद पप्पू यादव ने मंगलवार को सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाईं। ओखला सब्जी मंडी के पास कैप्टन गौर मार्ग पर सैकड़ों की संख्या में एकत्रित हुए मजदूरों ने पप्पू यादव की अगुवाई में प्रदर्शन किया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अमर कॉलोनी थाने में पूर्व सांसद पप्पू यादव और उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन में मुकदमा दर्ज किया है।
बिहार के मजदूरों की मदद के नाम पर पूर्व सांसद व जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव ने दिल्ली मेंओखला सब्जी मंडी के पास कैप्टन गौर मार्ग में सैकड़ों मजदूरों की भीड़ की अगुवाई की।
मौके पर एकत्रित 200 से 250 लोगों ने बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना था कि उनकी घर वापसी के इंतजाम कराए जाएं। काम छूट चुका है और उनके पास खाने तक के लिए भी पैसे नहीं हैं।
घर जाने के लिए टिकट करा सकें, इतने भी पैसे नहीं बचे हैं। वहीं मजदूरों को संबोधित करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि वे उन सब को घर पहुंचाने की व्यवस्था करेंगे। यदि सरकार के पास रेलवे का किराया नहीं है तो वह किराया देने के लिए तैयार हैं। इस दौरान पप्पू यादव ने दिल्ली पुलिस के कार्यों की तारीफ करते हुए मजदूरों से उनके समर्थन में तालियां भी बजवाईं।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जल्द मदद का आश्वासन देकर मजदूरों का गुस्सा शांत कराया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन की वीडियो फुटेज की जांच की जाएगी।
इस दौरान पूर्व सांसद ने क्या-क्या बातें कहीं, इसका पता लगाया जाएगा। वहीं पूर्व सांसद के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जाएगी।
कैसे एकत्रित हुए इतने लोग
एक साथ इतने मजदूर कैसे जमा हुए, यह भी स्पष्ट नहीं हो सका। बताया जाता है कि मजदूरों को एकत्रित करने के लिए सोशल मीडिया पर मुहिम चलाई गई थी।