स्वाइन फ्लू के टेस्ट के नाम पर निजी लैब संचालक अब मनमानी फीस नहीं वसूल सकेंगे। टेस्ट के लिए दिल्ली की तर्ज पर 4500 रुपये तय हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस बार समय से पहले स्वाइन फ्लू टेस्ट की कीमत तय कर निजी लैब संचालकों को हिदायत जारी कर दी है। अधिक कीमत वसूलने वाले निजी लैब संचालकों पर निगरानी के लिए स्वास्थ्य विभाग की एक टीम बनाई जाएगी।
इस बार समय से पहले स्वाइन फ्लू ने दस्तक दे दी है। दिल्ली-फरीदाबाद में स्वाइन फ्लू के कई मामले सामने आए हैं। जिले में गुड़गांव से बाहर के व्यक्ति की मौत यहां के निजी अस्पताल में हो चुकी है। पिछले साल जिले में स्वाइन फ्लू का खौफ रहा है। जिसका लाभ निजी लैब संचालकों ने खूब उठाया था। टेस्ट के लिए 4900 से 9000 रुपये तक वसूले गए थे।
बता दें कि शहर में 15 से ज्यादा लैब हैं। जहां इसका टेस्ट होता है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी निजी लैब को अधिक कीमत नहीं लेने के आदेश दे दिए हैं, लेकिन विभाग ने किसी भी निजी लैब संचालक को स्वाइन फ्लू की पुष्टि करने का अधिकार नहीं दिया है। केवल दिल्ली स्थित संचारी संस्थान की लैब और पीजीआई चंडीगढ़ ही मामले की पुष्टि कर सकता है।
सिविल सर्जन डॉ. रमेश धनखड़ ने बताया कि टेस्ट की फीस तय कर इसकी जानकारी सभी लैब संचालकों को भेज दी है। अगर किसी से अधिक फीस ली जाती है तो विभाग को शिकायत दे। गठित की गई टीम लैब में जाकर जांच करेगी कि कितने लोगों की एच1एन1 की जांच की गई और उनसे कितना शुल्क लिया गया है? स्वाइन फ्लू के प्रति खौफ कम करने के लिए जागरूकता अभियान भी शुरू कर दिया गया है।