नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री पद के शपथ ग्रहण समारोह में कुल 4000 लोगों को न्योता भेजा गया था। इन खास लोगों के लिए राष्ट्रपति भवन की ओर से खास खाना तैयार किया गया। इन 4000 लोगों के बीच में सार्क देशों के प्रमुख भी रहे, जिनमें पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ प्रमुख रहे।
विज्ञापन
सोमवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के बाद आने वाले गेस्ट को बिरयानी तो नहीं मिली लेकिन इसकी जगह कई शाकाहारी और मांसाहारी दावत उन्हें खाने का मिलेगा।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार राष्ट्रपति भवन के प्रागंण दिए जाने वाले भोज के लिए जो मेन्यू रहा, उसमें पूरे भारत के व्यंजनों का मिश्रण रखा गया। लेकिन इस दावत से बिरयानी गायब रही। बताया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी ने जानबूझकर इस दावत से बिरयानी को अलग रखा है।
विज्ञापन
'बिरयानी डिप्लोमेसी' का बीजेपी ने किया था विरोध
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के कार्यकाल में 2012 में पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के भारत दौरे के दौरान उनको दिए दावत में 'बिरयानी डिप्लोमेसी' की चर्चा खूब रही। बीजेपी ने इस बिरयानी डिप्लोमेसी का खूब मजाक उड़ाया था।
बीजेपी का कहना था कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर दिनदहाड़े अत्याचार हो रहा है और वहां पर भारत के खिलाफ आतंकी साजिश रचने वालों को पनाह दिया जा रहा है। इसके मद्देनजर मनमोहन का जरदारी के साथ बिरयानी खाना शर्मनाक है।
शायद इसी कारण विरोधियों के हमले से बचने के लिए दावत के मेन्यू से बिरयानी को हटा दिया गया है। पिछले हफ्ते कांग्रेसी नेता शशि थरूर ने सोशल मीडिया ट्वीटर पर लिखा था कि अगर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ निमंत्रण स्वीकार करते हैं तो हमें उम्मीद करनी चाहिए कि नरेंद्र मोदी उन्हें भारत की मशहूर बिरयानी जरूर खिलाएंगे।
जानिए क्या होगा दावत में?
चिल्ड मेलन सूप भारत में पाए जाने वाले दुर्लभ जड़ी बूटियों और मस्कमेलन से बना यह ठंडई सूप मेहमानों को शुरुआत में परोसा जाएगा।
चिकन हजारवी मिट्टी के खास तंदूर में मुर्गे के गोश्त को क्रीम और पनीर में मिला कर हल्के आंच में पकाकर चिकन हजारवी को तैयार किया जाता है।
तंदूरी आलू मिट्टी के तंदूर में मसाला लपेट कर आलू को पकाया जाता है। यह बेहद स्वादिष्ट डिश है।
गुलाटी कबाब मेमने को अलग-अलग मसालों में डूबोकर रखा जाता है और उसके बाद उसे हल्के आंच में पकाया जाता है। यह मेहमानों के लिए खास तौर पर रखा जा रहा है।
पूरे भारत के व्यंजन को परोसा जाएगा
अरबी के कबाब भारतीय अरबी को पूरी तरीके से मैश कर मसालों में लपेटकर इसे पकाया जा रहा है। यह एक खास तरीके का पकवान है, जिसे कम ही तौर पर मेहमानों के लिए पकाया जाता है।
प्रॉन स्टी झींगे से तैयार होने वाला केरल का यह खास व्यंजन नारियल के तेल और भारतीय मसालों के खास मिश्रण से तैयार किया जाता है।
वेजीटेबल स्टी ये भी केरल का ही खास व्यंजन है। सब्जियों से तैयार होने वाला यह व्यंजन नारियल के दूध और भारतीय मसालों को मिलाकर तैयार किया जाता है।
चिकन चेट्टीनाड यह भी एक मांसाहारी डिश है। मुर्गे के गोश्त से तैयार होने वाला यह तमिलनाडु का मशहूर व्यंजन नारियल के दूध और काली मिर्च से तैयार किया जाता है।
गुजराती खानों को भी किया गया है शामिल
गुजराती कढी उत्तर भारत में खाए जाने वाले कढी से यह थोड़ा ही अलग होता है। इसमें थोड़ा मीठापन भी होता है। आखिर नरेंद्र मोदी भी तो गुजरात से आते हैं।
बिरबली कोफ्ता करी गाढ़ी ग्रेवी में डूबा कोफ्ते को सब्जियों से तैयार किया गया है।
जयपुरी भिंडी राजस्थानी पकवान से इसे लिया गया है। भिंडी को फ्राई करने के बाद इसे चाट मसाले से थोड़ा गार्निस किया जाएगा।
केला मेथी नू शाक गुजरात से एक और डिश मेहमानों का लज्जत बढ़ाएगा। मेथी के पत्ते को कच्चे केले में लपेट कर तैयार किए जाने वाले इस डिश को खास तौर पर तैयार किया जा रहा है, जिस पर सौंफ का जायका मिलेगा।
बंगाल का पोटोल डोरमा भी होगा मेन्यू में
दाल मख्खनी टमाटर के ग्रेवी में डूबे चने और बीन्स से तैयार होने वाला यह जायका पंजाबियत की खूशबू समेटे रहेगा।
पोटोल डोरमा ममता बनर्जी भले इस शपथ ग्रहण से दूर रहेंगी लेकिन यह जायका बंगाल से लिया गया है। प्याज और टमाटर की ग्रेवी से तैयार होने वाले इसे जायके में सब्जी और आलू का प्रचूर मात्रा में उपयोग होता है।
चावल भारतीय बासमती चावल का कोई दूसरा जोड़ नहीं है। इसी से मेहमानों के लिए सादा चावल भी रखा जाएगा।
खीरे का रायता मेहमानों को परोसा जाएगा, जिसके साथ पापड़ भी रखा जाएगा।