भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) राजधानी में पहला भूमिगत संग्रहालय बनाने जा रहा है। इसे हुमायूं मकबरा परिसर में बनाया जाएगा।
यह खास संग्रहालय पिछले 700 वर्षों के इतिहास से रूबरू कराएगा। मंगलवार से इसके निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। इसका उद्घाटन भारत सरकार में पर्यटन मंत्री डॉ. महेश शर्मा करेंगेे। इस काम को पूरा करने की जिम्मेदारी आगा खान ट्रस्ट को दी गई है।
संग्रहालय में निजामुद्दीन एरिया के ऐतिहासिक जानकारी भी मौजूद होगी। इसे बावली की तर्ज पर बनाया जाएगा। यानी कि यह जमीन से नीचे होगा, जिस तरह से बावलिया बनाई जाती थी।
खास बात यह कि जमीन से नीचे होने के बाद भी यहां अंदर तक प्राकृतिक रोशनी पहुंची पाएगी। इसके अलावा इसमें सेमिनार हॉल, सोविनियर शॉप, लाइब्रेरी समेत अन्य कई सुविधाएं मौजूद होंगी।
एएसआई के मुताबिक, संग्रहालय का मकसद भारतीय धरोहर से लोगों को रूबरू कराना है। पहले यह संग्रहालय हुमायूं मकबरे के इंट्रेस पर बनाने की योजना थी, लेकिन अब इसे अंदर परिसर में बनाया जाएगा।
यह अपने आप में अनोखा होगा। इसका डिजाइन ऐसा होगा जिससे बड़े पेड़ों को काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसे मुगलकाल के आर्किटेक्चर को ध्यान में रखकर जियोमेट्रिक फॉर्म में बनाया जाएगा।