दिल्ली में प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल (फाइल फोटो)
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दिल्ली में प्लाज्मा थेरेपी से ठीक होने वाला पहला मरीज अब अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर जा चुका है। वह एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती था और उन चंद मरीजों में था जिन पर पहली बार प्लाज्मा थेरेपी का उपयोग किया गया था। यह जानकारी दी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दी है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एलएनजेपी अस्पताल में केंद्र सरकार ने प्लाज्मा थेरेपी का परीक्षण करने की अनुमति दी थी। कुछ मरीजों को प्लाज्मा दिया और उनमें से पहला मरीज ठीक होकर अपने घर चला गया है।
पहले वह काफी गंभीर था और आईसीयू में था। अब वह बिल्कुल ठीक है। प्लाज्मा थेरेपी के प्राथमिक नतीजे अच्छे मिल रहे हैं। केजरीवाल के मुताबिक, अभी कुछ दिन पहले केंद्र सरकार की तरफ से कुछ बयान आए थे, जिनकी वजह से असमंजस की स्थिति पैदा हुई थी।
कई लोगों के फोन आए कि क्या प्लाज्मा थेरेपी को बंद कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने सिर्फ इतना कहा था कि जिन लोगों के लिए केंद्र सरकार से अनुमति है, केवल उन्हीं पर प्लाज्मा थेरेपी का ट्रायल करें। प्लाज्मा थेरेपी के अभी नतीजे अंतिम नहीं आए हैं। अभी उसका परीक्षण चल रहा है।
यही केंद्र सरकार ने कहा था और दिल्ली सरकार भी यही कह रही है। अभी हम लोग एलएनजेपी अस्पताल में जो गंभीर मरीज हैं, उन पर परीक्षण करके देख रहे हैं कि कैसे नतीजे आते हैं। केजरीवाल ने माना कि शुरुआती नतीजे अच्छे आए हैं। अभी तक जो 1100 लोग ठीक हो गए हैं, सरकार ने उनसे संपर्क किया है। सभी लोग अपना प्लाज्मा डोनेट करने के लिए तैयार हैं।