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मकान में लगी आग, मालिक और किरायेदार की मौत

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पटेल नगर इलाके में सोमवार सुबह एक मकान में आग लग गई। हादसे में मकान मालिक और एक महिला किरायेदार की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची दमकल की पांच गाड़ियों ने साढ़े चार घंटे में आग पर काबू पाया।
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बताया जा रहा है कि मकान मालिक मानसिक रूप से अशक्त था और उसने अपने घर में काफी कबाड़ जमा कर रखा था। कबाड़ में आग लगने से यह हादसा हुआ है। पुलिस आग लगने के कारणों की जांच में जुट गई है।

सोमवार सुबह करीब 8 बजे पुलिस व दमकल विभाग को वेस्ट पटेल नगर स्थित एक मकान में आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल की पांच गाड़ियां और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए।
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आग भूतल से शुरू होकर दूसरी मंजिल तक फैल गई

आग भूतल से शुरू होकर दूसरी मंजिल तक फैल गई थी। दमकलकर्मी आग बुझाने में जुट गए। दमकल कर्मियों ने दूसरी मंजिल से एक महिला को अचेत अवस्था में बाहर निकाला और उसे इलाज के लिए पास के अस्पताल में पहुंचाया।

जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसकी पहचान सोनीपत के कोंडली निवासी स्नेहा उर्फ नेहा (30) के रूप में हुई। करीब साढ़े चार घंटे में आग पर काबू पाने के बाद आग पर काबू पा लिया गया।

जिसके बाद दमकल कर्मियों ने भूतल पर बने कमरे की तलाशी ली। इस दौरान एक युवक का झुलसा हुआ शव मिला। जो उसकी पहचान मकान मालिक राकेश उर्फ रिंकू (38) के रूप में हुई।

पुलिस के मुताबिक चार मंजिले मकान में भूतल पर मकान मालिक राकेश अकेला रहता था। जबकि अन्य मंजिलों पर किरायेदार रहते थे। ऊपरी मंजिल पर एक कमरा बना हुआ है, जिसमें कोई नहीं रहता है। आग नीचे रखे कबाड़ से शुरू हुई।
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धुआं देखकर खुद को किया कमरे में बंद

धुआं होने पर पहली मंजिल पर रहने वाले किरायेदार नीचे आ गए। दूसरी मंजिल पर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहा युवक भी नीचे आ गया। लेकिन दूसरी मंजिल पर ही रहने वाली स्नेहा उर्फ नेहा ने धुआं देखकर खुद को कमरे में बंद कर लिया।

आशंका है कि धुएं की वजह से दम घुटने से उसकी मौत हो गई। नेहा के पति का रेडीमेड कपड़ों का काम है। हादसे से पहले वह काम पर निकल गया था। पुलिस को जांच में पता चला कि मकान मालिक राकेश मानसिक रूप से अशक्त था।

उसे कबाड़ चुनने की आदत हो गई थी। उसने अपने कमरे और बाहर में पूरा कबाड़ इकट्ठा कर रखा था। अक्सर वह कबाड़ के बीच में ही सो जाता था। नौ साल पहले सड़क हादसे के बाद राकेश मानसिक रूप से अशक्त हो गया था। हादसे के बाद पत्नी उससे तलाक लेकर चली गई। उसकी नौ साल की बेटी है जो पत्नी के साथ रहती है। राकेश कोई काम नहीं करता था। मकान से आने वाले किराये पर ही वह निर्भर था।
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