दिल्ली के मंडावली थाना क्षेत्र में मदर डेयरी के पास बृहस्पतिवार रात डीटीसी कीएसी बस में आग लग गई। बस चालक राजेंद्र ने इमरजेंसी बटन दबाकर दोनों गेट खोल दिए और कंडक्टर विनोद की मदद से करीब 70 यात्रियों को गाड़ी से बाहर निकाला।
कुछ देर में ही आग ने बस को पूरी तरह चपेट में ले लिया। मौके पर पहुंची दमकल की दो गाड़ियों ने 20 मिनट में आग पर काबू पाया। प्राथमिक जांच में इंजन में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से आग लगने की बात सामने आई है।
रूट संख्या 469 की बस हादसे के वक्त आनंद विहार से खानपुर की ओर जा रही थी। पुलिस बस को जब्त कर आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।
छह माह तक स्थानांतरित नहीं होगा मिलेनियम डिपो
यमुना किनारे बना मिलेनियम बस डिपो फिलहाल अपनी जगह पर कायम रहेगा। करीब छह माह तक डिपो के स्थानांतरित होने की संभावना नहीं है। डीटीसी के आग्रह पर हाईकोर्ट ने डीटीसी व डीडीए के बीच भूमि को लेकर चल रहे विवाद को खत्म करने के लिए उपराज्यपाल को जल्द से जल्द बैठक करने का निर्देश दिया है।
बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति वीके शाली ने मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि दोनों विभागों के बीच तालमेल का अभाव है और यही कारण है कि नए डिपो को बनाने के लिए भूमि को लेकर विवाद नहीं सुलझ रहा।
अदालत ने उपराज्यपाल को दोनों विभागों के अलावा अन्य संबंधित विभागों की बैठक कर उस मुद्दे का निपटारा करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 11 फरवरी तय की है।
ज्ञात रहे कि हाईकोर्ट ने यमुना किनारे बने मिलेनियम डिपो को अवैध करार देते हुए उसे स्थानांतरित करने का निर्देश दिया था। इसी के बाद डीडीए को डीटीसी के नए डिपो बनाने के लिए भूमि का आवंटित करने को कहा गया था।
डीटीसी ने आश्वासन दिया था कि भूमि मिलते ही वह 31 अक्तूबर तक डिपो को खाली कर देगा। सुनवाई के दौरान डीडीए अधिवक्ता ने बताया कि नरेला, रोहिणी व सराय काले खां की भूमि डीटीसी को सौंपी जा चुकी है जबकि कड़कड़ी मोड़ की भूमि भी जल्द ही सौंप दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सराय काले खां में बने ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल को नरेला स्थानांतरित किया जा रहा है। वहीं डीटीसी के अधिवक्ता ने कहा कि अभी तक तीन प्लाट दिए गए है लेकिन उनमें बसे आने-जाने की सुविधा तक नहीं है ऐसे में उन्हें समय प्रदान किया जाए।