बता दें कि अनाज मंडी इलाके में अवैध फैक्टरी में आग से बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद निठारी में अवैध गोदाम नौ लोगों के लिए काल बन गया। उत्तरी एमसीडी के महापौर अवतार सिंह ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद हादसे की जांच कर रिपोर्ट तत्काल प्रभाव से मांगी गई थी।
महापौर ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया था। हादसा किराड़ी क्षेत्र के निठारी गांव इलाके में हुआ था। निरीक्षण के दौरान महापौर के साथ रोहिणी वार्ड समिति के अध्यक्ष मनीष चौधरी, पार्षद उर्मिला चौधरी व निगम के वरिष्ठ अधिकारी थे। निठारी गांव अनधिकृत कॉलोनियों में शामिल है।
नगर निगम के नियम के मुताबिक, अनधिकृत कॉलोनियों में किसी भी व्यवसाय के लिए लाइसेंस नहीं दिया जा सकता। जिस इमारत में आग लगी, उसके भूतल पर कपड़े का गोदाम था। यह गोदाम अवैध रूप से चलाया जा रहा था। आग भी गोदाम में ही लगी थी।
उल्लेखनीय है कि अनाज मंडी इलाके में गत आठ दिसंबर को चार मंजिला इमारत में आग में बड़ी तादाद में लोगों की मौत हुई थी। निगमायुक्त वर्षा जोशी ने इसकी जांच के आदेश दिए थे।
इससे पहले दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने मौके का मुआइना किया। पीड़ितों से मुलाकात के बाद सत्येंद्र जैन ने कहा था कि इमारत के निचले हिस्से का इस्तेमाल गोदाम के तौर पर होता था। इसकी जांच की जिम्मेदारी एमसीडी की थी। हालांकि, पूरे मामले की जांच का आदेश एसडीएम को दिया गया है।