दिल्ली की सड़कों पर दिखा पटाखों का ढेर
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दिल्ली सरकार व अन्य एजेंसियों के तमाम प्रयासों के बाद भी दिवाली पर राजधानी में लोग पटाखे जलाने से बाज नहीं आए। ग्रीन पटाखों की आड़ में लोगों ने जमकर नॉन ग्रीन पटाखे जलाएं।
दिल्ली में पिछले साल के मुकाबले इस साल आग लगने की घटनाओं में मामूली कमी आई। राजधानी में दिवाली के मौके पर इस बार 245 जगहों पर आग लगने की सूचना मिली।
दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक तीन जगहों को छोड़कर कहीं भी आग लगने की खबर नहीं मिली। हादसों में तीन लोग मामूली रूप से झुलस गए। दमकल विभाग के अधिकारियों की मानें तो वर्ष 2018 में आग लगने की 271 घटनाएं हुई थी।
दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक दिवाली पर आग लगने की घटनाओं को देखते हुए इस बार पूरे दिल्ली में 22 जगहों पर अस्थायी दमकल केंद्र बनाए गए थे। साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए 2000 से अधिक दमकल कर्मियों की तैनाती पूरी राजधानी में की गई थी।
दिवाली के मौके पर शनिवार 26 अक्तूबर रात 12.00 से रविवार रात 12.00 बजे तक पिछले 24 घंटे में आग लगने की कुल 245 कॉल आईं। वहीं रविवार शाम छह बजे से सोमवार सुबह छह बजे के बीच आग लगने की 214 कॉल आईं। इसी समय अवधि में वर्ष 2018 में कॉल की संख्या 223 थी।
ज्यादातर जगहों पर छोटी-मोटी आग लगी। जिसे लोगों ने दमकल कर्मियों के पहुंचने से पहले ही बुझा लिया। रविवार को परवाना रोड, जगतपुरी, प्रकाश गली तेलीवाड़ा और राजधानी एंक्लेव नजफगढ़ में आग लगने की तीन बड़े मामले सामने आए।
पिछले सालों में दीपावली पर लगी आग की घटनाएं :
वर्ष घटनाएं
वर्ष 2019 245
वर्ष 2018 271
वर्ष 2017 204
वर्ष 2016 243
वर्ष 2015 290
वर्ष 2014 211
वर्ष 2013 266
वर्ष 2012 252
वर्ष 2011 206
वर्ष 2010 169
वर्ष 2009 207