एडवोकेट राज गौरव द्वारा दायर याचिका में फिल्म निर्माता के खिलाफ एक स्थायी और अनिवार्य निषेधाज्ञा की मांग की गई है। इसमें आरोप लगाया गया है कि उसने फिल्म ‘काली’ के पोस्टर और प्रचार वीडियो में हिंदू देवी को बहुत ही अनुचित तरीके से चित्रित किया है।
मांगा अदालत ने फिल्म निर्माता लीना मणिमेकलाई को उनकी आगामी फिल्म ‘काली’ पर रोक लगाने की मांग याचिका पर नए सिरे से समन जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म में हिंदू देवता को अपने पोस्टर और प्रचार वीडियो में अनुचित तरीके से चित्रित किया गया है।
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अदालत ने इससे पहले 6 अगस्त को फिल्म निर्माता को यह कहते हुए तलब किया था कि कोई भी आदेश पारित करने से पहले उसे सुना जाना चाहिए। हालांकि न्यायाधीश के छुट्टी पर होने के कारण मामले को स्थगित करते हुए नए सिरे से समन जारी किया गया है।
अदालत ने पहले कहा था कि मामले में प्रतिवादी मणिमेकलाई और कंपनी टूरिंग टॉकीज मीडिया वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड प्रभावित है, ऐसे में उनका पक्ष सुनना जरूरी है। अतिरिक्त वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश अभिषेक कुमार ने ईमेल और व्हाट्सएप सहित सभी तरीकों से नए समन जारी करने का निर्देश दिया। अदालत ने मामले को प्रतिवादियों को समन तामील करने और याचिका पर बहस के लिए एक नवंबर की तारीख तय की है।