गाजियाबाद के घंटाघर कोतवाली पुलिस से सोमवार तड़के हुई मुठभेड़ में घायल हुए 50 हजार के इनामी बदमाश मनोज उर्फ मिंटू की इलाज के दौरान मंगलवार सुबह मौत हो गई। पैर में गोली लगने से घायल हुए मिंटू का इलाज दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में चल रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल खून ज्यादा बह जाना मौत का कारण माना जा रहा है।
घंटाघर कोतवाली पुलिस ने सूचना के आधार पर सोमवार तड़के करीब तीन बजे चेकिंग के दौरान मनोज उर्फ मिंटू को रोका था। कार रोकने की बजाय वह भागने का प्रयास करने लगा।
पुलिस ने बताया था कि नवयुग मार्केट में एक बैंक के पास मिंटू की कार दीवार से टकरा गई और खुद को घिरा देख उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी थी। इसमें एक हेड कांस्टेबल और एक कांस्टेबल भी घायल हुए थे।
जवाबी फायरिंग में मिंटू के पैर में गोली लगी थी। उसकी शिनाख्त 50 हजार के इनामी बदमाश व गांव चौगानपुर, गौतमबुद्धनगर निवासी मनोज उर्फ मिंटू के रूप में हुई थी।