पलवल और फरीदाबाद के करीब 50 फीसदी आयकर दाताओं ने अपने काले धन के बारे में विभाग को जानकारी नहीं दी है। विभाग अब उनकी चल अचल संपत्ति की जांच करेगा और जुर्माना समेत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। विभाग की प्रधान आयकर आयुक्त अनुराधा मुखर्जी ने इस बात के स्पष्ट संकेत दिए।
अमर उजाला से बातचीत करते हुए मुखर्जी ने कहा कि पूरे देश में 65 हजार करोड़ रुपये कालेधन का पता चला है। इसमें फरीदाबाद और पलवल जिला भी शामिल है।
विभागीय गोपनीयता के कारण उसे खुलासा नहीं किया जा सकता। इतना तय है कि कुछ लोगों ने इंकम डिक्लरेशन स्कीम का लाभ उठाया है।
उन्होंने बताया कि दोनों जिलों में करीब 15 हजार उन करदाताओं को नोटिस जारी कर अपनी इंकम बताने को कहा था जिनकी जानकारी विभाग को पहले से है।
हैरानी की बात ये है कि 30 सितंबर तक अंतिम तिथि होने के बाद भी करीब 50 फीसदी लोगों ने न तो नोटिस का जवाब दिया और न ही अपनी आय की जानकारी दी। विभाग ने ऐसे लोगों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है।
प्रधान आयकर आयुक्त ने बताया कि आय कर अधिनियम के तहत वैसे तो किसानों को छूट दी गई है लेकिन शर्त ये है कि उनका घर और खेती नगर निगम सीमाक्षेत्र से 8 किलोमीटर के बाहर हो।
यानी निगम सीमाक्षेत्र में 8 किलोमीटर के अंदर खेती करने वाले भी आयकर के दायरे में होंगे। उनकी आय की जांच पड़ताल की जा सकती है। उन्होंने बताया कि आठ किमी. के बाहर की जमीन ही कृषि भूमि मानी जाती है।
जिन किसानों ने जमीन का मुआवजा उठाया है और उसकी जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी है वह भी आयकर के दायरे में आते हैं। साथ ही जिन्होंने अपनी शहर की जमीन बेचकर अन्य जगह शिफ्ट कर ली हो वह भी दायरे में आते हैं।
चल-अचल संपत्तियों की होगी जांच
प्रधान आयकर आयुक्त ने बताया कि जिन करदाताओं ने नोटिस का जवाब नहीं दिया है, विभाग अब उनकी चल अचल संपत्ति की पहले जांच करेगा।
जांच के दौरान यदि आय छुपाने की बात सामने आई तो निश्चित रूप से ऐसे लेागों के खिलाफ आयकर अधिनियम की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जल्द ही टीम बनाकर जांच पड़ताल करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।