महिला पहलवानों से यौन उत्पीड़न मामले में मोबाइल फोन जब्त किए गए थे। पिछले एक साल से एफएसएल ये मोबाइल फोन फॉरेंसिक साइंस लैब में पड़े हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को मामले में एक अन्य गवाह को साक्ष्य दर्ज करने के लिए बुलाया था।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को रोहिणी में फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) में जांच के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन के कारण पूर्व डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों से यौन उत्पीड़न मामले में सबूतों की रिकॉर्डिंग टाल दी। इस बीच अदालत ने एक पीड़िता और एक अन्य गवाह को साक्ष्य दर्ज करने के लिए बुलाया था। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) प्रियंका राजपूत ने कांस्टेबल मुकेश कुमार की मुख्य परीक्षा स्थगित कर दी।
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कांस्टेबल मुकेश कुमार मामले की जांच से जुड़े थे और उत्तर प्रदेश के गोंडा में पूर्व सांसद के गांव गए थे। पुलिस टीम ने दीपक सिंह और सूबेदार यादव के पास से दो मोबाइल फोन जब्त किये हैं, जो फिलहाल एफएसएल में हैं। अदालत ने कहा कि अगर पीड़िता अदालत कक्ष में गवाही देने में सहज नहीं होगी तो उसका बयान कमजोर गवाह कक्ष में दर्ज किया जाएगा। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 6 अगस्त के लिए तय की है। 11 जुलाई को अदालत ने सिंह और विनोद तोमर के खिलाफ कथित यौन उत्पीड़न मामले में मुकदमा चलाने और अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयान दर्ज करने का निर्देश दिया था।