पुलिस सूत्रों का कहना है कि पांच मई को दिल्ली पुलिस को सीसीटीवी कैमरे के जरिये मनीष के ऋषिकेश में होने के साक्ष्य मिले थे। उसके बाद से दिल्ली पुलिस वहां की धर्मशाला, आश्रम, अन्य जगहों पर तलाश कर रही थी, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को दिल्ली पुलिस को पता चला कि 10 मई को ऋषिकेश के मुनी की रेती इलाके में उत्तराखंड पुलिस को गंगा से एक अज्ञात शव मिला था। उसके पास से कोई दस्तावेज नहीं मिलने पर मृतक की पहचान नहीं हो पाई थी।
पुलिस ने शव मिलने की जानकारी आसपास के थानों में देकर उसकी पहचान के लिए शव को 72 घंटे के लिए रख लिया। उसके बाद उत्तराखंड पुलिस ने मृतक के कपड़े और फोटो रखने के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया। उधर मनीष की तलाश करते हुए पुलिस आसपास के थाने इलाके में पहुंची। गुरुवार को दिल्ली पुलिस और परिवार वालों ने 10 मई को मिले शव के फोटो और कपड़े के जरिये मनीष की पहचान कर ली।