कैमरे ट्रैफिक सिग्नल का पालन करने के लिए सड़कों और यहां तक कि चौराहों पर यातायात अनुशासन सुनिश्चित करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विशेष पुलिस आयुक्त ने बताया कि सड़क सुरक्षा बढ़ाने और यातायात की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली यातायात पुलिस दिल्ली-एनसीआर की यातायात समस्या को कम करने, उपयोगकर्ताओं में जागरूकता विकसित करने और दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं पर इसके प्रभाव का आकलन करने के लिए मुख्यतया इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कर रही है। यातायात 4-ई यानी एजुकेशन, इंजीनियरिंग, इंफोर्समेंट और इमरजेंसी सहायता द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है। अब प्रौद्योगिकी का उपयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। यातायात कैमरे, सेंसर और जीपीएस उपकरणों की स्थापना यातायात पैटर्न का विश्लेषण करने, भीड़ का आकलन करने, यातायात प्रवाह को गतिशील रूप से विनियमित करने और विभिन्न यातायात उल्लंघनों के लिए उल्लंघनकर्ताओं के अभियोजन में मदद करती है।
पुलिस ने आईटीएमएम के पहले चरण में यह कदम उठाए
दिल्ली यातायात पुलिस ने हाल ही में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के पहले चरण के एक भाग के रूप में रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी), ओवर स्पीड वॉयलेशन डिटेक्शन (ओएसवीडी), वॉयलेशन ऑन कैमरा एप (वीओसीए), रडार गन/इंटरसेप्टर इन एनफोर्समेंट एंड इम्प्रूवमेंट इन रोड इंजीनियरिंग में सुधार यानी ब्लैकस्पॉट ट्रीटमेंट, एरिया वाइड ट्रीटमेंट और सड़क सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं पर अन्य उपायों जैसी विभिन्न पहलों के प्रभाव का विश्लेषण किया है।
न कारणों से प्रभावित होता है यातायात
- दिल्ली-एनसीआर में यातायात मूल रूप से आनुपातिक यातायात मात्रा
- गणना (टीवीसी), सड़कों की क्षमता से अधिक यात्री कार इकाइयों (पीसीयू) की संख्या, अनुचित उपयोगकर्ता-व्यवहार, रोडरेज और
- यातायात कानूनों के प्रवर्तन की कमी से प्रभावित होता है।
दिल्ली यातायात पुलिस का उद्देश्य
- निर्बाध यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करना।
- यात्रा में देरी को कम करना।
- सुरक्षित सवारी के साथ समग्र आवागमन दक्षता में सुधार करना है।
- जाम को कम करना।
- सड़क दुर्घटनाओं को कम करना।