देश में कृषि को बढ़ावा देने के लिए अब ब्लॉक स्तर पर मौसम की जानकारी मिलेगी। इसके लिए देशभर के 600 जिलों में केंद्र खोले जाएंगे, जिससे उस क्षेत्र के किसानों को मौसम की सटीक जानकारी मिल सकेगी।
किसान मौसम की जानकारी को ध्यान में रखकर फसल की बुआई कर सकें, इसके लिए भूविज्ञान मंत्रालय (अर्थ एंड साइंस) ने ‘ग्रामीण कृषि मौसम सेवा’ प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।
इसके तहत 2017 तक देश के सभी जिलों में ब्लॉक स्तर पर मौसम केंद्र खोले जाएंगे। इसके लिए पिछले महीने करीब 160 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है।
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प्रोजेक्ट के तहत मौसम के विश्लेषण के लिए एक केंद्र पर कुल 12 मौसम और कृषि वैज्ञानिक काम करेंगे। ये वैज्ञानिक ब्लॉक स्तर पर किसानों को मौसम की जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
इसमें कितनी बारिश होगी, कौन-सी फसल की बुआई करें और कब करें आदि के बारे में बताया जाएगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक डॉ. एलएस राठौर ने बताया कि किसान मौसम फोरकास्ट का कृषि में उपयोग बहुत कम करते हैं।
इसके लिए ग्रामीण कृषि मौसम सेवा प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है जो कि जल्द काम करना शुरू करेगी। पहले चरण में 240 जिलों में ब्लॉक स्तर पर केंद्र शुरू होंगे। उन्होंने बताया कि अभी तक जिला स्तर पर ही मौसम की जानकारी मिलती है लेकिन प्रोजेक्ट की सफलता के बाद किसानों को ब्लॉक स्तर पर मौसम की जानकारी मिल सकेगी।