सिंघु बॉर्डर पर चले रहे किसान आंदोलन में रोज एक नई तस्वीर नजर आ रही है। भारत बंद के आह्वान के चलते बड़ी संख्या में किसान बॉर्डर पर जुट रहे हैं। इसी बीच किसानों को इंटरनेट संबंधी परेशानी का समाना न करना पड़े इसलिए फ्री वाई-फाई की व्यवस्था भी की गई है। प्रदर्शनकारी इसका उपयोग फेसबुक, व्हाट्सएप और न्यूज देखने के लिए कर रहे हैं। वहीं, बच्चे और युवा छात्र समय निकाल कर इससे ऑनलाइन पढ़ाई भी कर रहे हैं।
दिल्ली की अभिषेक जैन शक्ति फाउंडेशन संस्था द्वारा सिंघु बॉर्डर के प्रदर्शन स्थल पर ये फ्री वाई फाई जोन तैयार किया गया है। किसानों को कोई दिक्कत नहीं हो इसके लिए संस्था ने प्रदर्शन स्थल पर यूजर आईडी और पासवर्ड लिखकर पोस्टर तक टांग दिए हैं।
संस्था के अभिषेक जैन ने अमर उजाला को बताया, 'किसानों की जररूरत को देखते हुए हमने ये फ्री वाई फाई जोन बनाया है। बड़ी संख्या में इसे उपयोग कर रहे हैं। पहले हमने ये वाई-फाई जोन केवल एक ही टेंट में इंस्टॉल किया था लेकिन जब हमने देखा कि किसान बड़ी संख्या में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बाद पांच अन्य स्थलों पर पोर्टेबल हॉटस्पॉट इंस्टॉल कर दिए गए हैं। खासतौर पर लंगर और प्रदर्शन की जगह हमनें इसे इंस्टॉल किया है।'
उन्होंने आगे कहा, 'सिंघु बॉर्डर के कुछ हिस्सों में इंटरनेट और नेटवर्क की समस्या है। किसानों को मोबाइल पर बात करने और सोशल मीडिया के प्रयोग करने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसलिए हमने इसे इंस्टॉल किया है। इससे नेट संबंधित समस्या खत्म हो गई है।
देखने में आ रहा है कि अधिकांश किसान फेसबुक, व्हाट्सएप के चलाने और न्यूज देखने में इसका इस्तेमाल कर रहे है। वहीं स्कूली छात्र इससे ऑनलाइन क्लास भी अटेंड कर रहे है। वे एक बार मोबाइल को डाउनलोंडिग में लगा देते है। इसके बाद अपने जत्थे में जाकर दिन में इसे देख लेते हैं।'
उन्होंने बताया कि, 'आज पंजाब हरियाणा समेत कई राज्यों के किसान सड़क पर आंदोलन कर रहे हैं तो उसमें हर किसी को सहयोग करना चाहिए. यहां हमने बड़ी संख्या में बच्चों और युवाओं को देखा है. कई तो समय निकाल कर पढ़ाई भी कर रहे हैं. अगर इन्हें फ्री डाटा की मदद मिल जाए तो उनके काम आ सकते हैं. इसलिए उन्होंने यहां वाई-फाई लगवा दिया है। रोज सुबह और शाम हमारी टीम बकायदा इन्हें आकर चेक भी करती है। इसके अलावा हम लोग किसानों से पूछते भी है कि नेटवर्क संबंधित कोई दिक्कत तो नहीं आ रही।'
किसानों को नहीं पता किसने लगाया वाई-फाई
प्रदर्शन स्थल पर अधिकांश किसानों को ये जानकारी ही नहीं है। इसे किसने इंस्टॉल किया और यहां बोर्ड किसने लगाए हैं। किसानों का कहना है कि प्रदर्शन पर इंटरनेट और नेटवर्क की बहुत समस्या रहती है। लेकिन फ्री वाईफाई के आने के बाद इंटरनेट संबंधी समस्या हल हो गई है। अब व्हाट्सएप कॉल के जरिए हम लोग आसानी से बात करते हैं। वहीं घर वालों को भी वीडियो कॉल कर पा रहे हैं।