भाजपा सांसद कंगना रनौत ने किसानों को लेकर विवादित बयान दिया था। हापुड़ में किसान यूनियन लोकहित के कार्यकर्ता कंगना रनौत का पुतला लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से पुतला ले लिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च कर तहसील चौपला पर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
फिल्म अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने किसानों को लेकर विवादित बयान दिया था। इसके विरोध में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन लोकहित के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। नगर पालिका में गांधी प्रतिमा पर धरना दे रहे किसान पुलिस द्वारा पुतला लिए जाने से नाराज हो गए और गढ़ दिल्ली रोड को जाम कर दिया। इस दौरान वाहनों की लंबी कतार लग गई। कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च कर तहसील चौपला पर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
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संगठन के पदाधिकारियों ने बुधवार को कंगना रनौत का पुतला फूंकने का एलान किया था। सुबह नगर पालिका धरनास्थल पर धरना देने के लिए कार्यकर्ता पहुंच गए। इस दौरान राष्ट्रीय प्रवक्ता हरीश हूण ने नगर पालिका में धरना देते हुए कहा कि एक टीवी साक्षात्कार में भाजपा की सांसद कंगना रनौत ने देश के किसानों को बलात्कारी और हत्यारा जैसे शब्दों से अपमानित किया। इससे देश के किसानों की भावनाएं आहत हुई हैं और देश का किसान आक्रोशित है।
जिलाध्यक्ष देवेंद्र बाना ने कहा कि जब दिल्ली किसान आंदोलन में देश का किसान अपने हक के लिए लोकतांत्रित ढंग से आंदोलन कर रहा था। ऐसे किसानों पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर कंगना रनौत ने किसानों के जख्मों पर नमक लगाने का कार्य किया है। उन्होंने मांग की कि कंगना रनौत किसानों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। भाजपा उन्हें पार्टी से बर्खास्त करे और उन पर मुकदमा दर्ज किया जाए। किसानों के धरने के दौरान पुलिस ने यहां कार में रखा कंगना रनौत का पुतला निकालकर कब्जे में ले लिया, जिससे किसान गुस्से में आ गए और नगर पालिका गेट के बाहर जाम लगा दिया। करीब 40 मिनट तक किसान सडक़ पर बैठे रहे और गढ़ दिल्ली रोड पर लंबा जाम लग गया।
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इस दौरान एसडीएम शुभम श्रीवास्तव, सीओ वरुण कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए और किसानों को मनाने का प्रयास किया। काफी मान मनव्वल के बाद किसान माने और पैदल मार्च निकालते हुए तहसील चौपला पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। यहां भी किसानों ने पुतला फूंकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पुतला नहीं फूंकने दिया। हालांकि किसानों के प्रदर्शन और धरने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। काफी देर बाद स्थिति सामान्य हुई। इस दौरान जितेंद्र चौधरी, यूसुफ अली, अंकुर चौधरी, सचिन चौधरी, प्रमोद त्यागी, मनोज सिरोही, केपी ङ्क्षसह, रहमान, शेरखान, सादवाद शामिल रहे।