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तस्वीरेंः किसानों ने एक बार फिर नहीं खाया सरकार का खाना, खुद मंगवाई अपनी 'दाल-रोटी'

Sat, 05 Dec 2020 04:33 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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विज्ञान भवन में नीचे बैठकर खाना खाते किसान नेता - फोटो : amar ujala
केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले 10 दिनों से सड़क पर उतरे किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ सरकार की पांचवें दौर की वार्ता जारी है। दिल्ली के विज्ञान भवन में ये बातचीत दोपहर 2 बजे शुरू हुई। बैठक शुरू होने के बाद किसान नेताओं ने सरकार से बिंदुवार लिखित जवाब मांगा। किसान नेताओं का कहना है कि हमने पिछली बैठक में जो बातें रखी थीं सरकार उनका बिंदुवार लिखित रूप में जवाब दे, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया।
 
 

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विज्ञान भवन में नीचे बैठकर खाना खाते किसान नेता - फोटो : amar ujala
चर्चा के बीच हुए लंच ब्रेक के दौरान किसानों ने एक बार फिर सरकार द्वारा दिए गए लंच और चाय को स्वीकार नहीं किया। किसानों ने लंच के दौरान अपने साथ लाया खाना ही खाया। इससे पहले भी तीन दिसंबर को हुई बैठक में किसानों ने सरकारी खाना खाने से इनकार कर दिया था। 

 
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विज्ञान भवन में नीचे बैठकर खाना खाते किसान नेता - फोटो : amar ujala
इससे पहले किसान आंदोलन को लेकर चर्चा के लिए आज सुबह पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी के घर पर बैठक हुई जो करीब दो घंटे तक चली। इसमें गृहमंत्री अमित शाह, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद थे।

 

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विज्ञान भवन में नीचे बैठकर खाना खाते किसान नेता - फोटो : amar ujala
भारतीय किसान यूनियन (लखोवाल) नेता एचएस लखोवाल का कहना है कि सरकार के सामने किसान संगठनों के 40 नेताओं ने बैठक के दौरान तीनों कृषि कानून की खामियों पर बिंदुवार अपनी बात रखी है। केंद्रीय कृषि मंत्री और केंद्र सरकार ने भी माना है कि किसानों की कई मांगों पर विचार किया जाएगा। हमनें सरकार से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की है। किसान संगठन राजेवाल गुट के नेता का कहना है कि सरकार का संशोधन का प्रस्ताव मंजूर नहीं होगा। केंद्र सरकार को तीनों कानूनों को वापस लेना पड़ेगा।

 
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विज्ञान भवन में नीचे बैठकर खाना खाते किसान नेता - फोटो : amar ujala
बता दें कि प्रदर्शनकारी किसान दिल्ली से लगी सीमाओं पर डटे हैं और सरकार से नये कृषि कानून वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उनमें से ज्यादातर किसान पंजाब से हैं। इससे पहले शुक्रवार को सिंघु बॉर्डर पर हुई बैठक के बाद किसान नेता हरिंदर पाल लखोवाल ने कहा था कि हमने सरकार से कल (गुरुवार को) बात की है। हमने साफ कहा है कि तीनों कानून वापस ले। सरकार बिजली कानून और पराली जलाने को लेकर जुर्माना पर मानती दिख रही है। लेकिन हम सभी किसानों को बोलते हैं कि वो यहां आएं, लड़ाई आर-पार की है हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। किसानों ने 8 दिसंबर (मंगलवार) को पूरे भारत में बंद का आह्वान किया है।
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