ग्रेटर फरीदाबाद के दर्जन भर लोगों ने भूमि अर्जन प्रक्रिया में आपत्ति जताकर हुडा प्रशासन के सामने मुसीबत खड़ी कर दी है। किसानों ने कहा कि अगर सरकार को उनकी जमीन चाहिए तो उसे किसानों को नई दर से मुआवजा देना होगा, साथ ही जमीन देने वाले किसान परिवार के सदस्यों को नौकरी भी देनी होगी।
हुडा के भूमि अर्जन अधिकारी ने पूरी रिपोर्ट तैयार कर सरकार के पास विचार के लिए भेज दिया है। हुडा ने पिछले दिनों सेक्टर 72-73 की डिवाइडिंग रोड बनाने के लिए नीमका व मुर्तजापुर गांव में 10.625 एकड़ जमीन पर सेक्शन चार लागू किया था। जिस पर 30 दिन के भीतर किसानों से आपत्ति मांगी थी।
हुडा के पास तीन किसान परिवारों के 12 दावेदारों ने आपत्ति दर्ज कराई है। उसमें कहा गया है कि सरकार को अब अगर जमीन चाहिए तो उसे नई दर से मुआवजा राशि देनी होगी।
साथ ही गरीब किसानों के परिवार के सदस्यों को नौकरी भी देनी होगी। उसके बाद ही सरकार जमीन का अधिग्रहण कर सकती है। हुडा ने इस बारे में जो रिपोर्ट सरकार के पास भेजी है।
हुडा अधिकारियों के मुताबिक नीमका गांव में 6.25 एकड़ जमीन का अधिग्रहण होना है। जिसके लिए दो किसान परिवार दावेदार हैं। जिसमें पहली आपत्ति प्रकाश चंद व संतराम और दूसरी आपत्ति दानीराम सहित सात लोगों ने दर्ज कराई है। वहीं मुर्तजापुर में 4.375 एकड़ जमीन पर प्रहलाद सिंह, भूप सिंह और बीरपाल की आपत्ति आई है।