गुड़गांव की शिवानी कटारिया हरियाणा के तैराकों की नाक बचा रही है। वह प्रदेश की पहली ऐसी तैराक हैं (महिला-पुरूष) जिसने नेशनल सीनियर ओपन स्वीमिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है। राष्ट्रीय स्पर्धाओं में हर बार नया कीर्तिमान बनाया है। कभी स्वयं का तो कभी दूसरों का रिकॉर्ड ध्वस्त किया है।
वह सिर्फ हरियाणा की ही नहीं, बल्कि पूरे देश की शान बन गई हैं। कई अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में भी दमदार प्रदर्शन कर गौरवान्वित किया है। महज आठ वर्ष की उम्र में शिवानी ने तैराकी शुरू की थी। आज वह 16 वर्ष की हैं। उसने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पदकों की झड़ी लगाई।
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वर्ष 2009 से 2013 तक लगातार वह नेशनल जूनियर चैंपियन रहीं। वर्ष 2012 से 2013 के बीच उसने नेशनल सीनियर ओपन स्वीमिंग चैंपियनशिप में कई स्वर्ण पदक जीते। शिवानी बताती हैं कि हरियाणा के 68 वर्षीय तैराकी इतिहास में नेशनल सीनियर मुकाबले में प्रदेश के किसी तैराक ने स्वर्ण पदक नहीं जीता था, यह काम उसने कर दिखाया। यह इतिहास उसने एक नहीं, बल्कि कई बार दुहराया।
अभी हाल ही में 20 से 24 दिसंबर तक पुणे में आयोजित स्कूल ओपन नेशनल चैंपियनशिप में उसने तीन कीर्तिमान बनाए। 50, 100 और 200 मीटर फ्री-स्टाइल स्पर्धा में गोवा की 22 वर्षीय तैराक प्रभु तलाशा का रिकॉर्ड तोड़ा। चीन के नानजिंग के यूथ एशियाड में छठा स्थान प्राप्त किया। मलयेशिया में भी उसने चौथा स्थान अर्जित किया।
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शिवानी सेक्टर-14 स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में 10वीं की छात्रा है। मूल रूप से वह गुड़गांव गांव की रहने वाली है। हालांकि निवास सेक्टर-14 में है। शिवानी के पिता हरवीर कटारिया ने कहा कि सरकार का कर्त्तव्य है कि वह इस तैराक को प्रोत्साहित करे। सिर्फ कागजी बातों से कुछ नहीं होता। अब वह अगस्त में चीन यूथ ओलंपिक में हिस्सा लेने जाएगी।