नोएडा के किसानों के लिए आवासीय भूखंडों की योजना चुनाव बाद फिर आएगी।
इस बार कम से कम दो हजार भूखंड योजना में शामिल किए जाएंगे। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद नियोजन विभाग ने भूखंड चयनित करने पर काम शुरू कर दिया है।
प्राधिकरण ने करीब ढाई साल पहले कृषक योजना लॉन्च की थी, मगर पात्रता सूची पर विवाद के चलते उस समय योजना को रोक दिया गया था। किसानों के वारिसों को लेकर विवाद हो गया था।
उस समय प्राधिकरण एक किसान के एक ही वारिस को भूखंड देने की बात कह रहा था, जबकि किसान सभी वारिसों को आवासीय भूखंड देने की मांग कर रहे थे।
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करीब एक हजार भूखंडों की इस योजना के लिए 3900 किसानों का रजिस्ट्रेशन हुआ था, कम भूखंडों के चलते पात्रता तय करने में भी दिक्कत आ रही थी।
अंत में इसे निरस्त करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद प्राधिकरण ने सभी वारिसों को भूखंड देने के मसले को बोर्ड से पारित कराया। साथ ही भूखंडों की संख्या दो हजार तक करने को कहा। नियोजन विभाग फिर से जमीन की तलाश कर रहा है।
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किसानों की जमीन अधिग्रहीत करने की एवज में उन्हें विकसित सेक्टरों में पांच फीसदी आवासीय भूखंड दिए जाते हैं।
भूखंडों का आकार घटा
पिछली बोर्ड बैठक में प्राधिकरण ने किसानों को दिए जाने वाले भूखंडों का आकार भी छोटा कर दिया है। अब तक तीन सौ वर्ग मीटर और उससे ऊपर एरिया के भूखंड दिए जाते थे, मगर अब भूखंडों का आकार दो सौ से भी कम किया जा सकता है। बोर्ड ने यह भी निर्णय लिया है कि कम से कम दो हजार भूखंडों की योजना लाई जाए, जिससे कि सभी किसानों को आवासीय भूखंड प्राप्त हो सके।