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उठाते ही मार डाला था मासूम को

Mon, 10 Mar 2014 12:35 PM IST
अमर उजाला, मोदीनगर
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कनौजा से बीती सात मार्च को अगवा मासूम रूद्रांश की हत्या हो चुकी है। घर के सामने रहने वाले नजदीकी ने ही दोस्त के साथ मिलकर फिरौती के लिए मासूम को कत्ल कर दिया। रूद्रांश आरोपियों में से एक को चाचू कहता था।
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पुलिस ने 24 घंटे में ही दोनों पड़ोसियों को गिरफ्तार कर लिया। उधर, हत्या की खबर पता चलते ही गुस्साए लोगों ने एक आरोपी के घर में जमकर तोड़फोड़ की। तनाव बढ़ता देख कई थानों की पुलिस के अलावा पीएसी भी तैनात करनी पड़ी।

गांव में तनाव को देखते हुए पोस्टमार्टम के बाद लाश का हिंडन पर ही पुलिस की मौजूदगी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। आरोपियों ने कत्ल के करने के बाद शुक्रवार को पिता से 15 लाख फिरौती मांगी थी और लाश अपने घर में ही सोफे के नीचे छुपा दी थी।
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यही नहीं हमदर्दी दिखाते हुए परिजनों के साथ रूद्रांश को तलाशते भी रहे। मासूम के गायब होने की खबर जब गांव में फैल गई तो आरोपियों ने लाश पड़ोसी की छत पर फेंक दी।

एसपी देहात का कहना है कि आरोपियों शहजाद एवं सूर्या शव को जंगल में फेंकना चाहते थे लेकिन बच्चे के गायब होने की खबर फैलने से उन्हें मौका नहीं मिला।

रूद्रांश चीखता रहा-क्यों मार रहे हो चाचू
चार साल के मासूम रूद्रांश ने मरने से पहले शहजाद से चीख-चीखकर कहा था कि उसे क्याें मार रहे हो चाचू। लेकिन हत्यारों का दिल नहीं पसीजा और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने यह बात कबूली है। उधर, कनौजा के घरों के चूल्हे नहीं जले। बेहाल मां गीता बार-बार यही चिल्ला रही थी कि मेरा बेटा कहीं खेल रहा होगा, कोई तो उसे ले आओ। पिता देवेंद्र को तो यकीन ही नहीं हो रहा कि दिन रात उसके साथ उठने बैठने वाले पड़ोसी शहजाद ने उसके जिगर के टुकड़े का कत्ल कर दिया है।

सोफे के नीचे छुपाई लाश
एसपी देहात जगदीश शर्मा के मुताबिक, एक साल पहले देवेंद्र के पिता जयप्रकाश ने 20 लाख रुपये में जमीन बेची थी। आरोपी शहजाद और सूर्या को लगता था कि वह रुपये अभी तक देवेंद्र के पास हैं।

शुक्रवार को दोनों ने घर के बाहर खेल रहे रूद्रांश का अपहरण किया और कमरे में ले जाकर हत्या कर दी। पहले शव सोफे के नीचे रखा बाद में देर रात तलाश शुरू होने पर शहजाद ने पड़ोसी यामीन की छत पर शव फेंक दिया।

फिर परिजनों के साथ मासूम को तलाश कराने का नाटक करता रहा। आठ मार्च को शहजाद ने अपने मोबाइल से देवेंद्र को फोन करके 15 लाख की फिरौती डासना में देने की बात कही और बच्चे को हरिद्वार में सकुशल बताया। देवेंद्र ने बातचीत मोबाइल में रिकार्ड कर पुलिस को सूचना दी।

पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी फर्नीचर का काम करते हैं। शहजाद पर कुछ कर्ज भी था। वह एक झटके में रुपये कमाकर अमीर बनना चाहता था। बता दें कि डीआईजी ने इस मामले से जुड़ी पल-पल की जानकारी पुलिस से ली।
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