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युवक की गोली मारकर हत्या, घर से कुछ दूरी पर मिला शव, मुझेडी गांव में वारदात, हत्या के कारणों का नहीं चला पता

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Youth shot dead, dead body found at some distance from home, incident in Mendi village, reasons for murder not known
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फरीदाबाद। क्षेत्र के गांव मुझेडी में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बृहस्पतिवार तड़के उसका शव घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर मिला। पुलिस अभी तक हत्या के कारणों का पता नहीं लगा पाई है। परिजनों की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
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मुझेडी निवासी सुरेश भाटी (38) पुत्र मंगतराम आईएमटी में अपने भाई राम सिंह के साथ मिलकर चाय की दुकान चलाता था। बुधवार रात सुरेश खाना खाने के बाद घर में अपने भाई से बातें कर रहा था और बाद में सोने चला गया। बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीणों ने देखा कि सुरेश का शव उसके घर से कुछ दूरी पर पड़ा है। उसका चेहरा खून से सना हुआ था। ग्रामीणों के शोर मचाने पर मृतक के परिजन समेत आस पड़ोस के लोग पहुंच गए। सूचना पर डीसीपी क्राइम, डीसीपी बल्लभगढ़, एसीपी तिगांव समेत पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने लोगों से पूछताछ के बाद शव मोर्चरी में रखवा दिया।
व्हाट्सएप ग्रुप पर किया था गुड नाइट का मैसेज
गांव के लोगों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बना हुआ है। सुरेश भी उस ग्रुप का सदस्य था। ग्रामीणों ने बताया कि सोने से पहले सुरेश ने ग्रुप में गुड नाइट मैसेज किया था। उसके चचेरे भाई गौरव ने बताया कि किसी को क्या पता था कि सुरेश की यह अंतिम गुड नाइट थी। सुरेश के माता-पिता की मौत बचपन में हो चुकी थी। इसके चलते बड़े भाई रमेश सिंह, राम सिंह और ओमवीर ने मिलकर बेटे की तरह सुरेश का पालन-पोषण किया। सबसे छोटा होने के कारण वह तीनों भाइयों में सबसे लाडला था। सुरेश की मौत से तीनों भाइयों का रो-रोकर बुरा हाल था। बड़े भाई रमेश सिंह की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
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शांत स्वभाव और शरीफ व्यक्ति के रूप में थी पहचान
ग्रामीणों के मुताबिक सुरेश की पहचान शांत स्वभाव और शरीफ व्यक्ति के रूप में थी। उसका गांव में किसी से कोई झगड़ा-विवाद नहीं हुआ था। सुरेश के भाइयों ने बताया कि उसकी किसी से कोई रंजिश भी नहीं थी। इसके बावजूद उसकी हत्या कर दी गई। जांच कर रहे आईओ वीरसेन वशिष्ठ ने बताया किसुरेश के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल ने किया ताकि परिजनों को जांच को लेकर किसी भी तरह का संदेह न रहे। सुरेश के मोबाइल को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। उसके पास किस-किसका फोन आया था, इसकी जांच की जा रही है। रात में किसने कॉल कर उसे बाहर बुलाया था, इसकी जानकारी भी मोबाइल फोन से मिलेगी।
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